
राजनांदगांव। जिले के चिखली क्षेत्र में कृषि उपयोग के लिए दिए गए बिजली कनेक्शनों के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोग एग्रीकल्चर कनेक्शन के जरिए ट्यूबवेल और बोरवेल से पानी निकालकर निजी कॉलोनियों को बेच रहे हैं, जिससे क्षेत्र के भू-जल स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है।स्थानीय किसानों के अनुसार, जिन जल स्रोतों का उपयोग सिंचाई के लिए होना चाहिए, उनका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि पहले कम गहराई में ही पानी उपलब्ध हो जाता था, लेकिन अब जलस्तर नीचे चला गया है, जिससे सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। इसका सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है और उत्पादन प्रभावित हो रहा है।स्थानीय किसान निरंजन यादव ने बताया कि निजी कॉलोनी संचालक ऊंची कीमत देकर यह पानी खरीद रहे हैं, जिससे अवैध रूप से पानी का कारोबार बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति से क्षेत्र के किसान खासे परेशान और आक्रोशित हैं।किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि एग्रीकल्चर कनेक्शन के इस तरह के दुरुपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।कुल मिलाकर, एग्रीकल्चर कनेक्शन के इस दुरुपयोग ने न केवल किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है, बल्कि क्षेत्र के भू-जल संतुलन को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और विकट हो सकती है। ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों पर सख्ती बरते और जल संरक्षण के ठोस उपाय लागू कर किसानों को राहत दिलाए।










































