राजनांदगांव: तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्रों में आगजनी रोकने अग्निशमन विभाग का जागरूकता अभियान…


राजनांदगांव। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी के निर्देशानुसार शनिवार को चिरचारी स्थित फॉरेस्ट डिपो तेंदूपत्ता गोदाम संग्रहण केंद्र में अग्नि सुरक्षा एवं बचाव संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा नगर सेना विभाग की टीम ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आग से बचाव एवं सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी।


प्रशिक्षण में उपस्थित एसडीओ, रेंजर, डिप्टी रेंजर एवं अन्य कर्मचारियों को फायर ट्रेंगल, आग के वर्गीकरण, आग बुझाने के विभिन्न तरीकों तथा अलग-अलग प्रकार की आग में उपयुक्त अग्निशामक यंत्र के उपयोग के बारे में बताया गया। साथ ही अग्निशामक यंत्रों के संचालन की PASS Method का भी प्रदर्शन किया गया।
अग्निशमन टीम ने बताया कि सूखे तेंदूपत्ते अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं, जिनमें आग लगने पर वह तेजी से फैल सकती है। ऐसी स्थिति में धुआं और अत्यधिक गर्मी से जान-माल का नुकसान होने की आशंका रहती है। कर्मचारियों को बीड़ी, सिगरेट और माचिस का उपयोग सावधानीपूर्वक करने तथा परिसर में धूम्रपान पूर्णतः प्रतिबंधित रखने की हिदायत दी गई।


प्रशिक्षण के दौरान विद्युत उपकरणों की नियमित जांच, अग्निशामक यंत्रों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने, आपातकालीन निकास मार्ग को साफ रखने तथा सूखी घास, कचरा एवं अन्य ज्वलनशील सामग्री को समय-समय पर हटाने के निर्देश दिए गए। सूखी घास या कचरे में लगी आग को फायर बीटर के माध्यम से नियंत्रित करने की जानकारी भी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि किसी बड़ी आगजनी की स्थिति में तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों, डायल-112 एवं नजदीकी फायर स्टेशन को सूचना देना आवश्यक है।


प्रशिक्षण एवं फायर डेमो कार्यक्रम में फायर स्टेशन प्रभारी इमाम बेग, फायरमैन पुमेश कुमार एवं तरुण कुमार साहू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का उद्देश्य तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्रों में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम एवं कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना रहा।