
मोहला 1 जून 2026। जिला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग की मासिक समीक्षा बैठक लेकर विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा पोषण संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की समीक्षा करते हुए नियमित फॉलोअप एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एचआरपी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा सभी प्रकरणों की गंभीरता से निगरानी की जाए। बैठक में गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन की समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने अधिकारियों से जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि कोई भी गर्भवती महिला एएनसी पंजीयन से वंचित न रहे तथा शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में संस्थागत प्रसव एवं स्टिल बर्थ के मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्टिल बर्थ की घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने टीकाकरण की प्रगति बढ़ाने, जनजागरूकता अभियान चलाने तथा मितानिनों की बैठक आयोजित कर समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार इम्यूनाइजेशन (यू-विन पोर्टल) की कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। राष्ट्रीय पोषण अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कुपोषित बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने के लिए नियमित वजन मापन एवं सतत निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य सुधारना विभाग का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
बैठक में एनीमिया मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीबी नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, सिकल सेल जागरूकता कार्यक्रम, हेल्थ मेला, जन आरोग्य समिति, एनसीडी स्क्रीनिंग तथा एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन की भी समीक्षा की गई। आरबीएसके के अंतर्गत विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की प्रगति पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग को बेहतर समन्वय के साथ कार्य कर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। टीबी कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकाधिक टीबी स्क्रीनिंग करने, समय पर मरीजों की पहचान करने तथा बेहतर कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में रिक्त पदों की स्थिति, एसएएम एवं एमएएम बच्चों की जानकारी, महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी, कुपोषित बच्चों की स्थिति, हमर स्वास्थ्य लाइक कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना तथा गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी योजनाओं में लक्ष्य अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुष विभाग की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रम, आयोजित स्वास्थ्य शिविरों, पोषण पखवाड़ा तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य कर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।









































