
राजनांदगांव पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल अकाउंट के एक और धारक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान डोंगरगढ़ निवासी आशुतोष चौधरी (24 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार भारत सरकार के गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसे बैंक खातों की पहचान की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी का बैंक खाता भी इस अवैध लेनदेन में इस्तेमाल किया जा रहा था।
मामले में थाना सिटी कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2), 317(4), 317(5) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है। इस प्रकरण में इससे पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर 13 जुलाई को आशुतोष चौधरी को गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरों के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में गठित टीम ने की। कार्रवाई में एसआई गणेश चौहान एवं सीएसपी स्क्वॉड के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम उपयोग के लिए न दें। कमीशन या लालच में आकर बैंक खाता उपलब्ध कराना कानूनन अपराध है। ऐसे खातों का उपयोग गेमिंग ऐप, फर्जी ट्रेडिंग, डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन सहित विभिन्न साइबर अपराधों में किया जाता है। पुलिस ने कहा कि म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










































