राजनांदगांव: शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय ने किया ज्ञानेश्वरी का सम्मान….

शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव (छ.ग.) में महाविद्यालय की पूर्व छात्रा ज्ञानेश्वरी यादव का कामनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल प्राप्त करने पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ज्ञानेश्वरी के साथ-साथ उनके माता-पिता तथा कोच श्री अजय लोहार उपस्थित थे।

महाविद्यालय ने ज्ञानेश्वरी के आगमन पर बैंड बाजा और पटाखों से स्वागत किया गया। कार्यक्रम संचालन करते हुए डाॅ.शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि दिग्विजय कालेज के इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में से एक अध्याय ज्ञानेश्वरी का कामनवेल्थ गेम्स में रजत पदक प्राप्त करना है।

क्रीड़ाधिकारी श्री अरूण कुमार चैधरी ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपने उत्कृष्ठ प्रदर्शन से न केवल महाविद्यालय अपितु छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। प्राचार्य डाॅ.सुचित्रा गुप्ता ने कहा कि ज्ञानेश्वरी की उपलब्धि महाविद्यालय की छात्र-छात्राओं के लिए पे्ररणास्त्रोत है।

उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता यह सिद्ध करती है। कि समर्पण और प्रयास से उपलब्धियां हासिल की जा सकती। ज्ञानेश्वरी ने इस अवसर पर कहा कि मेरी सफलता के पीछे माता-पिता एवं प्रशिक्षकों का योगदान रहा है।

साथ ही महाविद्यालय में पढ़ाई के दौरान मुझे प्राध्यापकों का सहयोग प्राप्त होता रहा है। ज्ञानेश्वरी ने युवाओं को कहा कि यदि आपके पास सपना है और उसे पूरा करने का संकल्प है तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

कठिन परिश्रम, धैर्य और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है। ज्ञानेश्वरी से डाॅ.ंशंकरमुनि राय, डाॅ.हरनाम सिंह अलरेजा, क्रीड़ाधिकारी श्री अरूण कुमार चैधरी, प्राचार्य डाॅ.सुचित्रा गुप्ता ने भी प्रश्न किए।

महाविद्यालय की छात्रा ने पूछा कि आप सोशल मीडिया और व्यक्तिगत जीवन में कैसे सांमजंस्य बैठाया है ज्ञानेश्वरी ने कहा कि वो पिछले 03 साल से सोशल मीडिया से दूर है। यही उनकी सफलता का कारण है।