राजनांदगांव: जीएमसी राजनांदगांव में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल का चौथा दिन, बाइक रैली निकालकर जताई एकजुटता…

राजनांदगांव, 07 अगस्त 2026, एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर जीएमसी राजनांदगांव में जारी आंदोलन आज चौथे दिन भी जारी रहा।

आंदोलन के समर्थन में आज इंटर्न डॉक्टरों द्वारा एक विशाल बाइक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें 2022 बैच के लगभग 50 जूनियर विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपना समर्थन व्यक्त किया।

बाइक रैली की शुरुआत शासकीय मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव से हुई, जो निरंकारी फर्नीचर, मानमंदिर चौक और जयस्तंभ चौक होते हुए पुनः मेडिकल कॉलेज परिसर में संपन्न हुई।

रैली का उद्देश्य इंटर्न डॉक्टरों की एकजुटता प्रदर्शित करना तथा सरकार तक अपनी मांग को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से पहुँचाना था।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग स्टाइपेंड में शीघ्र एवं न्यायसंगत वृद्धि की है, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपनी सेवाएं जारी रख सकें। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

आज भी मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों द्वारा ओपीडी, इमरजेंसी, एनआईसीयू, पीआईसीयू एवं कैजुअल्टी सेवाओं का पूर्ण बहिष्कार जारी रहा।

इस संबंध में आईएमए-एमएसएन छत्तीसगढ़ के स्टेट कन्वीनर शाहदिल खुसरू ने कहा कि आईएमए एवं आईएमए-एमएसएन की ओर से राज्य सरकार के साथ लगातार सकारात्मक वार्तालाप जारी है।

हमें विश्वास है कि सरकार इस विषय की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र ही फाइल को स्वीकृति प्रदान करेगी और इंटर्न डॉक्टरों के हित में न्यायसंगत निर्णय लेगी, जिससे आंदोलन का जल्द समाधान हो सके।

इसी दौरान आज पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि इंटर्न डॉक्टरों के साथ-साथ पोस्टग्रेजुएट (पीजी) रेजिडेंट डॉक्टरों की स्टाइपेंड संबंधी मांगों को भी सरकार एक साथ शामिल करते हुए समग्र रूप से पूरा करे।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पीजी रेजिडेंट डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल होने के लिए बाध्य होंगे, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावित हो सकती हैं।

इंटर्न डॉक्टरों ने राज्य सरकार से पुनः अपील की है कि वह इंटर्न एवं पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों की लंबित स्टाइपेंड संबंधी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर आदेश जारी करे, ताकि चिकित्सा सेवाएं सामान्य रूप से पुनः प्रारंभ हो सकें।