राजनांदगांव: प्रधानमंत्री आवास योजना से बना अशियाना…

फुटपाथ पर जूते चप्पल बेचने वाले दुर्गा मानकर का स्वयं के आवास बनने संे बारिश मंे मिली राहत

महतारी वंदन योजना से जरूरतो की हुई पूर्ति

राजनांदगांव 10 अगस्त। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 शहरी के माध्यम से राजनांदगांव शहर में कुल 1115 आवासो की स्वीकृति बी.एल.सी. (हितग्राही द्वारा स्वयं से आवास निर्माण) के तहत शासन से प्राप्त हुई है।

इस स्वीकृति के विरूद्ध महापौर श्री मधुसूदन यादव एवं निगम आयुक्त श्री जी.आर. मरकामन के मार्गदर्शन में नगर के विभिन्न वार्डो मे 180 आवासो का निर्माण पूर्ण हो गया है तथा 507 आवास विभिन्न स्तरो पर निर्माणाधीन है।


आवास योजना का लाभ लेकर स्वयं के आवास में रहने वाले नवागांव वार्ड नं. 1 निवासी दुर्गा मानकर एक फुटपाथ चैक चैराहे में जूता चप्पल बेचने का काम करते हैं।

इनकी पत्नि श्रीमती शीतल मानगर आवास योजना में अपने आवास की स्वीकृति से लेकर आवास पूर्ण होते तक की दास्ता अपने शब्दो में कुछ प्रकार बया करती है कि मेरी जिंदगी खानाबदोश थी, किराये के घर में जीवन गुजरते हुए, मेरे पति रोड के किनारे फुटपाथ पर चप्पल-जूते की दुकान लगा कर परिवार का पालन पोषण करते हैं।

मैं जब शादी होकर ससुराल आयी तो वो किराये के छोटे से घर में एक संयुक्त परिवार में आयी थी। छोटे छोटे कमरो में खाने पीने से लेकर आराम ना कर पाने तक की मुसीबत उस घर में होती थी। ऐसी विषम परिस्थिति में भी जिंदगी सवारने के कुछ ख्वाब बस जहन में थे, पर उन ख्वाबो को कैसे पूरा करना ये उलझन बनी रहती थी।

उसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत वार्डवार सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा था, तब हमने अपने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किये और कुछ महीने के उपरांत आवास निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई। मैंने इंजीनियर के मार्गदर्शन में आवास निर्माण कार्य प्रारम्भ किया।


योजना के अंतर्गत जैसे जैसे मेरे घर का निर्माण कार्य की प्रगति होती -गयी नीव स्तर से लेंटर स्तर, से छत स्तर एवं अंतिम किस्त आवास पूर्ण होने पर भुगतान प्रकिया के अनुरूप स्तरबद्ध चार किस्तों में कुल 2 लाख 50 हजार रूपये की राशि मुझे मेरे आधार से जुड़े बैंक खाते में प्राप्त होती गयी और मुझे घुटन भरे माहौल से छुटकारा मिला।

आज अपने दोनों बच्चे वाणी एवं छायांश के साथ टाइल्स लगे सुंदर व्यवस्थित किचन वाले घर में रहते हुए अपने दोनों बच्चों के भविष्य को संवारने की बात बस अब मन मे रहती है।

आवास योजना का लाभ मिलने पर मैं शासन प्रशासन का आभार व्यक्त करती हूॅ। साथ ही छोटी छोटी जरूरते की पूर्ति महतारी वंदन योजना के तहत प्रत्येक महीने 1 हजार रूपये की आर्थिक सहायता के साथ साथ शासन की खाद्यान योजना के द्वारा राशन मिलने से मुझे पहुत राहत मिल रही है। इसी प्रकार की लाभकारी योजना के लिए मै शासन का कोटि-कोटि धन्यवाद करती हूॅ।