
राजनांदगांव 10 सितम्बर। बारिश में जर्जर भवनो से होने वाले हादसो को देखते हुए शासन निर्देशानुसार निगम सीमाक्षेत्र स्थित जर्जर भवन व मकान का सर्वे करने निगम आयुक्त श्री जी.आर. मरकाम ने दायित्व सौपा है, जिसमें सभी उप अभियंता अपने अपने प्रभारित वार्ड मंे निगम पटवारी के सहयोग से जर्जर भवनो का सर्वे करेंगे। आदेश मिलते ही अधिकारियो ने छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 309 के तहत कार्यवाही करने अपने अपने क्षेत्र में जर्जर भवनो व मकान का सर्वे दो दिनों से कर रहे है।

आयुक्त के निर्देश पर सभी उप अभियंता अपने अपने क्षेत्रों के पुराने एवं जर्जर भवन का सर्वे कर रिपोर्ट सौप रहे है जिसके आधार पर सूची तैयार की जा रही है। सर्वे के दौरान आम लोगो की सुरक्षा के लिए खतरे वाले भवन व मकान को चिन्हांकित कर सूची तैयार की जा रही है, तैयारा सूची के अनुसार संबंधित भवन मालिको को नोटिस देकर आवश्यक कार्यवाही की जावेगी। सर्वे के दौरान जर्जर भवन व मकान मालिको को ऐसे भवन को मरम्मत करने धराशाही करने या छोडने ेसलाह भी दी जा रही है। स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि भवन की जर्जर स्थिति के बावजूद उसे नही हटाया जाता है और भविष्य में उसके कारण किसी प्रकार की दुर्घटना, जनहानि अथवा सम्पत्ति की क्षति होती है, तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित की होगी। सर्वे में बाजार क्षेत्र एवं घानी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आयुक्त श्री मरकाम द्वारा शासकीय विभाग के जर्जर भवनो को मरम्मत या धाराशाही करने पत्र भी भेजा रहा रहा है, पूर्व में कुछ भवन के लिए पत्र भी जारी किया गया है। निगम के जर्जर भवनो को डिस्मेंटल करने की प्रक्रिया की जा रही है, साथ ही पुरानी काम्पलेक्स का जीर्णोद्धार भी किया जा रहा है। निगम द्वारा आस पास के जर्जर भवनो की सूचना देने अपील भी की जा रही है, ताकि समय रहते कार्यवाही की जा सके।











































