
राजनांदगांव। साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसे बैंक खातों की पहचान की गई थी, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने और आगे स्थानांतरित करने के लिए किया जा रहा था। जांच में संबंधित बैंक खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी से अर्जित रकम के लेनदेन की जानकारी सामने आई।
मामले में थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव में अपराध क्रमांक 556/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने राकेश कुमार सिन्हा (41 वर्ष), निवासी गौरी नगर, ओपी चिखली, राजनांदगांव तथा बालचंद भुआर्य (34 वर्ष), निवासी नवागांव, थाना मानपुर, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में अपराध स्वीकार किए जाने के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 18 सितंबर 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी राकेश सिन्हा के खिलाफ पूर्व में भी थाना कोतवाली राजनांदगांव में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी से संबंधित दो मामले दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस ने बताया कि म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है, जिनका उपयोग साइबर अपराधी ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने, दूसरे खातों में ट्रांसफर करने या निकालने के लिए करते हैं। कई मामलों में लोगों को कमीशन या अन्य लालच देकर उनके बैंक खाते का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि कुछ लोग जानबूझकर भी ऐसे लेनदेन में सहयोग करते हैं।
राजनांदगांव पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम उपयोग के लिए न दें। कमीशन या बड़ी रकम के लालच में अपना बैंक खाता उपलब्ध कराना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। पुलिस ने नागरिकों से बैंक खातों में होने वाले लेनदेन की नियमित निगरानी करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर सेल को देने की अपील की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शाह, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार, उप निरीक्षक राधेश्याम जूर्री सहित पुलिस एवं साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










































