
CRC राजनांदगांव में राज्य स्तरीय CRE कार्यक्रम, 40 से अधिक दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण
राजनांदगांव। प्रारंभिक हस्तक्षेप और दिव्यांगजनों के पुनर्वास में विशेष शिक्षकों, थेरेपिस्ट एवं स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR), सीहोर एवं समग्र क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (CRC), राजनांदगांव के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को एक दिवसीय राज्य स्तरीय ऑफलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (CRE) कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का विषय “प्रारंभिक हस्तक्षेप के लिए बहुविषयक दृष्टिकोण : विशेष शिक्षकों, थेरेपिस्ट एवं स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की भूमिका” रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, छत्तीसगढ़ शासन रामजीवन देवांगन के मुख्य आतिथ्य में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर NIMHR सीहोर के निदेशक डॉ. अखिलेश कुमार शुक्ला, CRC राजनांदगांव की निदेशक स्मिता माहोबिया सहित अधिकारी, पुनर्वास विशेषज्ञ, विद्यार्थी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि रामजीवन देवांगन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुनर्वास क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की क्षमता और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने में उपयोगी हैं।
उन्होंने NIMHR सीहोर एवं CRC राजनांदगांव की पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।
छह तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने साझा किया ज्ञान
CRE कार्यक्रम के तहत छह तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इनमें प्रारंभिक हस्तक्षेप, बहुविषयक पुनर्वास तथा विशेष शिक्षकों, थेरेपिस्ट और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की समन्वित भूमिका सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।
सत्रों में स्मिता माहोबिया, प्रशांत मेश्राम, डॉ. किशन लाल बैरवा और पुष्पेंदु जाना सहित NIMHR सीहोर के विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों ने व्याख्यान दिए। प्रतिभागियों एवं विद्यार्थियों ने चर्चा में सक्रिय भागीदारी की।
40 से अधिक दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण
कार्यक्रम के दौरान राज्य आयुक्त ने CRC राजनांदगांव की विभिन्न OPD एवं CDEIC इकाइयों का निरीक्षण किया और पुनर्वास सेवाओं का अवलोकन किया। उन्होंने पुनर्वास पेशेवरों एवं लाभार्थियों से संवाद भी किया।
इसके बाद आयोजित सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में 40 से अधिक दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकतानुसार उपकरण प्रदान किए गए।
इनमें मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, नी-ब्रेस, LS-ब्रेस, वॉकिंग स्टिक सहित अन्य सहायक उपकरण शामिल रहे। उपकरण मिलने से लाभार्थियों की गतिशीलता, दैनिक गतिविधियों और कार्यात्मक स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान CRC परिसर स्थित उद्यान में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत पौधरोपण भी किया गया। अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में रामजीवन देवांगन, डॉ. अखिलेश कुमार शुक्ला एवं स्मिता माहोबिया ने मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने CRE कार्यक्रम के उद्देश्यों, प्रारंभिक हस्तक्षेप में बहुविषयक दृष्टिकोण की उपयोगिता तथा CRC द्वारा संचालित पुनर्वास सेवाओं की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त अर्चना यादव एवं समाज कल्याण विभाग की उप संचालक वैशाली एम. सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुनर्वास विशेषज्ञ, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय NIMHR सीहोर एवं CRC राजनांदगांव की टीम ने संयुक्त रूप से किया।











































