
मुख्य आरोपी नागपुर से गिरफ्तार, गौमांस खरीदने के आरोप में दो महिलाएं भी पकड़ी गईं; न्यायालय में पेश करने के बाद भेजा जेल
राजनांदगांव। शहर के गौरीनगर क्षेत्र में गोवंश की हत्या कर उसका सिर शीतला तालाब और निर्माणाधीन अंडरब्रिज में फेंकने के मामले में चिखली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इनमें कथित मुख्य आरोपी एजाज अहमद उर्फ कसाई उर्फ वकील अंसारी को नागपुर से, जबकि गौमांस की खरीदी करने के आरोप में दो महिलाओं खैरून निशा और नसीमा बेगम उर्फ रानी को गौरीनगर से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। इस मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार, गौरीनगर क्षेत्र में गोवंश की हत्या कर उसका सिर शीतला तालाब और निर्माणाधीन अंडरब्रिज में फेंके जाने की घटना के बाद संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299, 325, 238, 3(5), पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।
इससे पहले 17 अक्टूबर को 10 आरोपियों और एक अपचारी बालिका को गिरफ्तार कर न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई थी।
इसके बाद मामले में फरार तीन आरोपियों की तलाश के लिए चिखली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम लगातार प्रयास कर रही थी।
इसी क्रम में 18 अक्टूबर को पुलिस ने एजाज अहमद उर्फ कसाई उर्फ वकील अंसारी को नागपुर से गिरफ्तार किया। वहीं, खैरून निशा (60 वर्ष) और नसीमा बेगम उर्फ रानी (57 वर्ष), दोनों निवासी गौरीनगर, को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के साथ मिलकर अपराध में शामिल होना स्वीकार किया। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
संयुक्त टीम की रही भूमिका
इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी उपेंद्र शाह, सोमनी थाना प्रभारी एमन साहू, बसंतपुर थाना प्रभारी कौशलेन्द्र देवांगन, चिखली चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई, उप निरीक्षक सत्तुलाल कंवर सहित पुलिसकर्मियों और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
साइबर सेल राजनांदगांव के निरीक्षक विनय पम्मार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा चिखली चौकी के स्टाफ ने आरोपियों की पतासाजी और गिरफ्तारी में सहयोग किया।











































