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राजनांदगांव: फारूक अब्दुल्ला के बयान की जांच कर हो उचित कानूनी कार्रवाई – सुनील सेन…

राष्ट्रहित सर्वोपरि, देश की एकता और अखंडता से समझौता बर्दाश्त नहीं : भाजयुमो जिला मंत्री

राजनांदगांव। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंत्री सुनील सेन ने कश्मीरी नेता फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर दिए गए कथित बयान पर नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश में रहकर देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर बयान देते समय नेताओं को जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।

सुनील सेन ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती रहा है। ऐसे में पाकिस्तान के पक्ष में दिए जाने वाले बयानों से देशवासियों की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा हमारे वीर जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान से सुनिश्चित होती है। किसी भी नेता को देश की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर बयान देते समय राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण अधिकार है, लेकिन इसका उपयोग देश की एकता और अखंडता से जुड़े संवेदनशील विषयों पर जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। सुनील सेन ने मांग की कि फारूक अब्दुल्ला के कथित बयान की निष्पक्ष जांच की जाए और जांच में कानून के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।

सेन ने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और देश की संप्रभुता तथा अखंडता के विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।