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राजनांदगांव : त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग की नजर, होटल और मिठाई दुकानों में जांच अभियान…

राजनांदगांव । त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले राजनांदगांव जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है।

शहर से लेकर ब्लॉक मुख्यालयों तक होटल, किराना दुकान, डेयरी और मिठाई की दुकानों में विभाग की टीम लगातार दबिश देकर खाद्य पदार्थों के सैंपल ले रही है। त्योहारों के दौरान मावा, पनीर, दूध और मिठाइयों सहित अन्य खाद्य सामग्रियों में मिलावट की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। ऐसे में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर विभाग की नजर है।


अलग-अलग संस्थानों में पहुंचकर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर रही है और संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। हाल ही में डोंगरगांव स्थित शुभम के मार्ट में भी टीम ने दबिश देकर वहां विक्रय किए जा रहे ग्रोसरी सहित अन्य खाद्य उत्पादों के सैंपल लिए हैं। हालांकि विभाग की इस कार्रवाई के बीच एक बड़ी चुनौती जांच रिपोर्ट आने में लगने वाला समय भी है।

सैंपल लेने के बाद उसकी रिपोर्ट आने तक कई बार संबंधित खाद्य सामग्री बाजार में बिक चुकी होती है।खास बात यह है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के पास मोबाइल जांच लैब की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे मौके पर ही खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक जांच की जा सकती है, लेकिन पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण फिलहाल मोबाइल लैब का संचालन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मिलावट की तत्काल पहचान और प्रभावी कार्रवाई की व्यवस्था पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।


राजनांदगांव खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी तरुण बिरला का कहना है कि विभाग की टीम लगातार जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रही है। डोंगरगांव के शुभम के मार्ट से भी विभिन्न उत्पादों के नमूने लिए गए हैं।

अमानक और मिलावटी खाद्य सामग्री के विक्रय पर रोक लगाने के लिए विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।फिलहाल त्योहारों के मद्देनजर खाद्य विभाग का जांच अभियान जारी है, लेकिन सवाल यही है कि क्या विभाग की यह कार्रवाई मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगा पाएगी? और क्या मोबाइल जांच लैब के संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोगों को समय रहते मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचाया जा सके।