राजनांदगांव : मलेरिया तथा डेंगू की रोकथाम हेतु मनाया गया ड्राई दिवस….

राजनांदगांव मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी के निर्देशन में बरसात के मौसम में मलेरिया, डेंगू तथा अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम हेतु मलेरिया रोधी माह जून मनाया जा रहा है जिसके अंतर्गत बैनर प्रदर्शन के माध्यम जिला कार्यालय से शुभारंभ किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मलेरिया से रोकथाम एवं बचाव की जानकारी दी गयी तथा लोगों को स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गयी। मलेरिया तथा डेंगू के बचाव के लिए सोर्स रिडक्शन एक्टीविटी प्रति गुरूवार को शहरी क्षेत्र एवं बुधवार को ग्रामीण क्षेत्रों में संपादित किया जा रहा है।

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जिसके अंतर्गत विभिन्न डेंगू संवेदनशील वार्डो में एवं अन्य सभी शहरी क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर टेमीफास का छिड़काव किया जाना है तथा विभिन्न स्थानों पर लोगों से गृह भेट कर प्रचार-प्रसार के माध्यम से मलेरिया एवं डेंगू की रोकथाम एवं बचाव के संबंध में स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की जा रही है तथा पाम्पलेट का वितरण किया जा रहा है। मलेरिया एवं डेंगू के संभावित प्रकरण पाये जाने पर आवश्यक उपचार प्रदान किया जा रहा है।


नगरवासियों तथा ग्रामीणों से अपील कि जा रही है कि बाहर से आने जाने वाले आम जनमानस को बुखार से संबंधित कोई भी शिकायत होने पर तुरंत निकट के स्वास्थ्य केन्द्र में जांच कराएं। मलेरिया तथा डेंगू रोग की रोकथाम एवं बचाव के संबंध में एवं मच्छरदानी के उपयोग हेतु जागरूकता लाने तथा अपने घरो के आस-पास सफाई रखने डेंगू तथा मलेरिया के मच्छरों की उत्पत्ति के कारको जैसे कूलर, छत पर खुली पानी की टंकिया, फटे पुराने टायर ट्यूब, टूटे फूटे मटके, बाल्टी, टीन एवं प्लास्टिक के डिब्बे, घर के सजावटी गमलों में पानी में, मनी प्लांट के पॉट के पानी में, मंदिर में कलश में बहुत दिनों से रखे पानी में, फ्रीज के नीचे टेऊ, जहां पानी जमा होता है,

नारियल के टूटे हुये टुकडे में जिसमें पानी जमा हो, कच्चे नारियल का पानी पीने के बाद फेक दिया जाता है, उसके अंदर बारिश का पानी जमा होने पर उस मच्छर उत्पत्ति क्षेत्रों को नष्ट किये जाकर डेंगू एवं मलेरिया रोग से बचा जा सकता है। इस प्रकार हम छोटी-छोटी सावधारियों से डेंगू एवं मलेरिया जैसी बीमारियों से बच सकते हैं।