राजनांदगांव- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम के निर्देशानुसार आज 6 जून को प्रेसवार्ता के माध्यम से अनियंत्रित होकर बढ़ती महंगाई पर केन्द्र सरकार की असफलता को उजागर किया गया है।

महंगाई की मार से हम और आप सभी परेशान और पीड़ित है इसका एक मात्र कारण केन्द्र में बैठी नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व वाली केन्द्र की भाजपा सरकार की मूल्य नियंत्रण में असफलता, गलत आर्थिक नीति है।
मोदी सरकार की पूंजीपतियों को बढ़ावा देने वाली कारण अपने चंद पूंजीपतियों मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में बेचने और ऐसी नीति / कानून बनाकर जनता पर थोपने के कार्य करने से केन्द्र सरकार पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बन गई है, इसलिए वस्तुओं के मूल्य नियंत्रण करने में बेबस है। जिसके कारण जनता कोरोना काल में भी महंगाई की मार झेल रही है।
पेट्रोल-डीजल, घरेलू रसोई गैस की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई है उसका सीधा असर जनजीवन पर पड़ा है। कोरोना संक्रमण काल में आम जनता अपने रोजगार धंधे से हाथ धो बैठी है। बहुतों की नौकरियां चली गई है जिससे परिवारिक बजट बिगड़ गया है।
नोटबंदी और जीएसटी से व्यापार व्यवसाय परेशानियों से जूझ रहे है। केन्द्र सरकार के कुप्रबंधन से देश की जनता कोरोना की चपेट में आ गये जिससे लोगों की जमा पूंजी भी खत्म हो गई है। गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों के घर मिट्टी तेल को इंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। उसकी कीमत भी मई 2020 में 13.56 रूपए प्रति लीटर थी, वह आज 30.38 रूपए से अधिक हो गई है।
पेट्रोल डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल की कीमत 6915 डालर प्रति बैलर है जबकि हम सब को पेट्रोल और डीजल 92 रूपए से 100 रूपए के बीच मिल रही है। अप्रैल 2014 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 103 डालर प्रति बैलर थी तब देश के प्रधानमंत्री आर्थिक नीति के विशेषज्ञ डॉ मनमोहन सिंह थे और उन्होंने पेट्रोल डीजल के दामों को नियंत्रित कर पेट्रोल को 72 रूपए और डीजल को 55 रूपए प्रति लीटर से अधिक बढ़ने नहीं दिया था।
मई माह में ही 16 बार लगातार बढ़ोतरी होने से परिवहन दर बढ़ने से सामग्रियों के दाम बढ़ गए है। डीजल की मूल्य वृद्धि से उसका सीधा असर कृषि पर पड़ता है और तो और कृषि में उपयोग किए जाने वाली खाद के दाम भी बढ़ जाने से विपरित असर कृषि पर पड़ता है।
सड़क परिवहन, रेल यात्रा, खाद, खाद्य तेल, खाद्य पदार्थ, सहित दैनिक उपयोग की वस्तुएं आज महंगाई की भेंट चढ़ गई है जिसके करण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सर्वहारा वर्ग इस महंगाई से त्रस्त हैं उसके बाद भी केन्द्र में बैठी नरेन्द्र मोदी की सरकार अपनी जुमलेबाजी में मस्त है। देश में बढ़ती महंगाई का एक मात्र कारण नरेन्द्र मोदी की सरकार की कुप्रबंधन व गलत आर्थिकनीति है।










































