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दंतेवाड़ा : कोरोना महामारी ने जहां काम-धंधे छीने, वहीं ग्राम स्वरोजगार केन्द्र से गोपी पैगर अपना भविष्य संवार रहे हैं…

दंतेवाड़ा, 3 अगस्त 2021दंतेवाड़ा जिले के विकासखण्ड गीदम के अत्यंत दुरस्त नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम चेरपाल भौगोलिक दृष्टि से एवं आवागमन के दृष्टि से अत्यंत दुर्गम क्षेत्र है, जो कि विकासखण्ड मुख्यालय गीदम से लगभग 25 किलो मीटर दूर इंद्रावती नदी पर स्थित है। वहाँ के लोग अपने दैनिक आवश्यकताओं के सामग्रियों की पूर्ति के लिए गीदम या बारसूर पर निर्भर रहते थे। जहां ग्रामों में युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं एवं आर्थिक स्थिति से भी इतने कमजोर है कि अपना स्वयं का कोई व्यवसाय नहीं कर पा रहे थे।

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कलेक्टर श्री दीपक सोनी के द्वारा ग्राम स्वरोजगार केंद्र की परिकल्पना से गरीब बेरोजगार युवाओं को शासन की ओर से आर्थिक सहयोग कर स्वयं का अपनी ग्राम में व्यवसाय करने की प्रेरणा दी गयी। इस योजना का लाभ उठाते हुए। ग्राम चेरपाल के बेरोजगार युवा गोपी पैगर द्वारा ग्राम स्वरोजगार योजना हेतू लोन 50 हज़ार रुपये की राशि स्वीकृत हुई। राशि से गोपी पैगर द्वारा आज किराने की दुकान संचालित किया जा रहा है। आज गांव के लोगों को छोटी-छोटी आवश्यकता की सामग्री लेने के लिए अब गीदम या बारसूर आना नहीं पड़ता है। ग्राम के लोगों को आवश्यक सामग्री गोपी पैगर के किराने के दुकान से प्राप्त हो रही है। हितग्राही गोपी पैगर ने बताया कि प्रतिदिन 4 सौ से 5 सौ रुपये की आमदनी हो रही है। और अपने परिवार का पालन पोषण कर सम्मानजनक रुप से जीवन यापन कर रहा है।

योजना तहत सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को इस कार्य का नोडल बनाया गया विभाग के द्वारा अपने अधीक्षकों को ग्राम नोडल स्तर पर नियुक्त किया गया। मंडल संयोजकों को विकासखंड स्तर का नोडल बनाया गया इस प्रकार ग्राम नोडल एवं विकासखण्ड नोडल के द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर बैठक कर बेरोजगार युवा युवतियों को ई-ग्राम स्वरोजगार योजना के संबंध में जानकारी दी गयी। इछुक युवा बेरोजगारों का चयन कर रोजगार करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। योजना से लाभान्वित गोपी पैगर ने रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त को धन्यवाद व्यक्त किया।

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