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राजनांदगांव : नगर निगम के करो की वसुली का जिम्मा निजी कंपनी के हाथों…

राजनांदगांव। नगर निगम अब अपने समस्त करों की वसूली का जिम्मा निजी कंपनी के हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहा है। बदले में वह उस कंपनी को कमीशन देगा। इससे निगम की आवक भी बढ़ेगी और समय पर टैक्स की वसूली भी होगी। यही नहीं सर्वे भी होगा और मकानों की संख्या भी बढ़ेगी जिससे निगम की आवक में वृद्धि होगी।

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नगर निगम द्वारा वर्ष 2023-24 और 24-25 दो वर्षों के लिए शहर में टैक्स वसूली जिसमें संपत्तिकर, जलकर, स्वच्छताकर आदि की वसूली का जिम्मा श्री पब्लिलेकशन नामक निजी कंपनी को सौंपने जा रहा है। एमआईसी में यह निर्णय लिया जा चुका है। बदले में कंपनी को वसूली का 55 फीसदी हिस्सा दिया जाएगा।

प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों में निजी कंपनियों के द्वारा टैक्स वसूली का कार्य पहले से ही प्रारंभ हो चुका है, केवल राजनांदगांव नगर निगम में यह शुरु नहीं हुआ था। अब नए साल से राजनांदगांव नगर निगम क्षेत्र में भी निजी कंपनी के लोगों द्वारा टैक्स वसूले जायेंगे। निजी कंपनी द्वारा निगम क्षेत्र में सर्वे भी किया जाएगा जिससे निगम की आवक बढ़ेगी।

इस सर्वे में छूटे मकान और नए मकान भी टैक्स की सूची में आ जाएंगे। इसके अलावा तीन-चार मंजिल वाले मकानों में रहने वाले लोग जो एक-दो मंजिल का ब्यौरा देकर टैक्स बचाते थे, वे भी सामने आ जायेंगे और उन्हें भी अपने पूरे मकान का टैक्स देना पड़ेगा जिससे निगम की आय में इजाफा होगा । किराया भी वसूलेगी निजी कंपनी निगम के स्वामित्व वाली दुकानों का किराया भी वसूलेगी।

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की भी वसूली उसके द्वारा की जायेगी। इससे निगम की आर्थिक स्थिति और भी मजबूत होगी क्योंकि निगम की दुकानों का किराया समय पर निगम को नहीं मिलता था। यही नहीं कई दुकानदारों द्वारा काफी समय से किराया ही नहीं पटाया गया है।

राजस्व विभाग का बोझ। हल्का होगा

निजी कंपनी द्वारा टैक्स वसूली करने से राजस्व विभाग को काफी राहत मिलेगी और उसका बोझ हल्का होगा। कर्मचारियों को दूसरे कामों में लगाया जा सकता है और वसूली करने का काम निजी कंपनी के लोगों के जिम्मे होगा। इससे इस कार्य में लगने वाले समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

ऑन लाइन होगा भुगतान

शहर में टैक्स वसूली का काम निगम के राजस्व विभाग के अमले द्वारा किया जाता है। कर्मचारियों के फिल्ड में रहने की वजह से टैक्स पटाने गए लोगों को कार्यालय में उनके वार्ड का मोहर्रिर या आरआई नहीं मिलता था जिसकी वजह से उन्हें टैक्स पटाने के लिए निगम के राजस्व कार्यालय में कई चक्कर काटना पड़ता था। कई टैक्स नहीं पटा पाते थे तो उन्हें बकायादारों की सूची में शामिल कर लिया जाता था। अब निजी कंपनी द्वारा टैक्स वसूलने से ऑन लाइन टैक्स पटाने की सुविधा

भी मिलने लगेगी। कुल मिलाकर नए साल से निगम के टैक्स की वसूली का कार्य निजी कंपनी श्री पब्लिकेशन के लोगों द्वारा की जाएगी। इससे कंपनी के कर्मचारी समय पर टैक्स वसूलने लोगों के घर पहुंचने लगेंगी और लोगों को भी निगम कार्यालय में चक्कर काटने से में छुटकारा मिलेगा और समय पर उनका टैक्स भी पट जाएगा जिससे कि वे अधिकार देने से भी बचेंगे।

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