राजनांदगांव : भवन अनुज्ञा के प्रकरणों की भवन अधिकारी ने की समीक्षा…

अनुज्ञा शुल्क जमा कराने आयुक्त के निर्देश

राजनांदगांव 27 दिसम्बर। नगरीय क्षेत्रों मे 500 वर्गमीटर तक के आवासीय प्लाट्स पर भवन निर्माण के लिए मानव हस्तक्षेप रहित ऑनलाईन भवन अनुज्ञा की प्रगति के संबंध में निगम आयुक्त श्री अभिषेक गुप्ता के निर्देश पर प्र.कार्यपालन अभियंता व भवन अधिकारी श्री कामना सिंह यादव ने आज पंजीकृत वास्तुविद,

इंजीनियर एवं पर्यवेक्षकों की बैठक ली तथा डायरेक्ट भवन अनुज्ञा के प्रकरण तथा भवन अनुज्ञा शुल्क की जानकारी ली।
बैठक में भवन अधिकारी श्री यादव ने कहा कि नगर पालिक निगम क्षेत्रों में 500 वर्ग मीटर के आवासीय भवनों हेतु मानव हस्तक्षेप रहित डायरेक्ट भवन अनुज्ञा सिस्टम शासन द्वारा प्रारंभ किया गया है।

उक्त नये सिस्टम के आधार पर ही अब भवन अनुज्ञा जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आप लोगों के माध्यम से भवन अनुज्ञा हेतु आवश्यक दस्तावेज व नक्शा अपलोड किये जाने के उपरांत 1 रूपये की प्रक्रिया शुल्क पर अस्थाई भवन अनुज्ञा जारी हो रहा है। प्रक्रिया के तहत 30 दिवस के भीतर निर्धारित शुल्क जमा किये जाने के पश्चात पूर्ण भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र जारी किया जाना है।

उन्होंने वास्तुविद, इंजीनियर एवं पर्यवेक्षकों से कहा कि आयुक्त महोदय द्वारा भवन अनुज्ञा के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण एवं शुल्क जमा करने निर्देश दिये गये है, निर्देश के अनुक्रम में आज बैठक ली जा रही है, उन्होंने बैठक में जानकारी ली की 1 रूपये प्रक्रिया शुल्क पर जारी भवन अनुज्ञा पर भवन अनुज्ञा शुल्क सहित अन्य आवश्यक शुल्क आवेकदों (भूखण्ड स्वामियों) से शुल्क जमा हो रहा है कि नहीं, उन्होंने कहा कि आप सभी प्रक्रिया में तेजी लाकर संबंधित से शुल्क जमा करावे।


भवन अधिकारी श्री यादव ने कहा कि निगम द्वारा भी अदायगी शुल्क वसूली करने नोटिस जारी किया जा रहा है। इन सबके बावजूद यदि भूखण्ड स्वामी द्वारा भवन अनुज्ञा सहित आवश्यक शुल्क जमा नहीं किया जाता है तो संबंधित का भवन अनुज्ञा निरस्त किया जायेगा।

साथ ही पंजीकृत वास्तुविद के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने कहा कि कार्यवाही से बचने सभी वास्तुविद भूखण्ड स्वामी से आवश्यक शुल्क जमा कराये। साथ ही भवन अनुज्ञा शुल्क के अतिरिक्त ऐसे प्रकरणों में जिसमें विकास शुल्क किस्तो में भुगतान किया गया है, उन प्रकरणों का आंशिक राशि जमा की गयी है जिनका शेष राशि जमा कराये ताकि अधिभार से बचा जा सके।

उन्होंने कहा कि बैक ऋण वाले भवन अनुज्ञा के प्रकरणों पर अदायगी शुल्क जमा नहीं करने की दशा मेें बैंक लोन समाप्त किये जाने बैकों से पत्राचार किया जायेगा। इस प्रकार की असुविधा से बचने तत्काल शुल्क जमा करावे। वास्तुविदों द्वारा कार्य मंे लापरवाही बरतने पर संबंधित का आईडी ब्लाक किया जायेगा। बैठक में सहायक भवन अधिकारी सुश्री पिंकी खाती सहित वास्तुविद, इंजीनियर उपस्थित थे।