राजनांदगांव : हिट एंड रन के नए कानून का विरोध, 600 बस चालक हड़ताल पर…

राजनांदगांव, 1 जनवरी। हिट एंड रन के नए कानून को लेकर देशव्यापी वाहन चालकों के हड़ताल के मद्देनजर राजनं दिगांव में भी बस चालकों ने काम बंद के तहत हड़ताल किया। इस कानून के विरोध में न सिर्फ बस चालक, बल्कि ट्रक, टैक्सी समेत अन्य माल वाहक के चालक भी समर्थन में रहे। हड़ताल के कारण बसें अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई।

बसों की आवाजाही ठप होने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ा। बस स्टैंड में यात्री भटकते नजर आए। बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने चालकों को लेकर नए कानून लागू करने का फैसला किया है। जिसमें दुर्घटना होने पर सजा का प्रावधान रखा गया है।

साथ ही अर्थदंड के रूप में मोटी रकम वसूलने का भी केंद्र ने कानून में प्रावधान किया है। व्यवहारिक रूप से इस फैसले को गैर वाजिब ठहराते चालकों ने कानून को वापस लेने की मांग की है। केंद्र के इस फैसले को काला कानून करार देते चालकों ने आरोप लगाया कि बिना पड़ताल के कानून को लागू किया जा रहा है। इससे चालकों के जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

इस बीच राजनांदगांव जिले के 600 से ज्यादा बस चालक हड़ताल पर रहे। प्रतिदिन जिले में 400 से ज्यादा यात्री बसें संचालित होती है। दूरस्थ इलाकों में आवागमन के लिए बस एक ठोस व्यवस्था है। यही कारण है कि आज हड़ताल से आम लोगों पर व्यापक असर पड़ा।

इधर मनीराम मंडावी और मिलन ताम्रकार का कहना है कि सडक़ पर वाहन चलाने के दौरान अन्य वाहन आकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तो इसकी भरपाई करना ड्राईवर के वश में नहीं है। दुर्घटना के दौरान ड्राईवर को नए नियम के अनुसार जो भरपाई व सजा का का प्रावधान लाया जा रहा है, उतनी रकम ड्राईवर के पास होती तो वह स्वयं का धंधा कर सकता है। नियम में बदलाव नहीं किया जाएगा तो ड्राईवरी को छोड़ अन्य काम करने की मजबूरी होगी।