VISION TIMES: “लागा तीर-ए-नज़र” — छत्तीसगढ़ की राजनीति में बढ़ी हलचल…

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों संकेतों, अटकलों और संदेशों का दौर तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं राजनांदगांव के प्रभारी मंत्री व स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव द्वारा तीर से निशाना साधने की घटना को राजनीतिक गलियारों में प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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खासकर यह घटनाक्रम पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में घटित होने के कारण राजनीतिक चर्चाओं को और भी हवा दे रहा है।

भाजपा शासन के दो वर्ष पूर्ण होने के बाद प्रदेश की राजनीति के “अंदरूनी खाने” में कई तरह की अटकलें तैर रही हैं। इन अटकलों का असर अब खुलकर सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रहा है, जहाँ लोग अपनी-अपनी व्याख्याओं के साथ घटनाओं और संकेतों को विश्लेषण के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।

प्रदेश में प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृहमंत्री का बार-बार दौरा, नक्सल समस्या के अंतिम चरण में पहुंचने के संकेत, तथा विकास की तेज होती गति—ये सभी पहलू छत्तीसगढ़ को एक नए मोड़ की ओर ले जाते प्रतीत हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, राजनीतिक समीकरणों को लेकर नेताओं के मुखरित मौन और रहस्यमयी संकेत कई नए सवाल खड़े कर रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़े परिवर्तन या स्पष्ट संकेत देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, “तीर-ए-नज़र” की यह घटना केवल एक गतिविधि भर नहीं, बल्कि राजनीति में गहराते संदेशों और संभावनाओं का प्रतीक मानी जा रही है।