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बच्चों के सुपोषण के लिए उनके पौष्टिक आहार के प्रति अभिभावक रहें जागरूक : कलेक्टर…

राजनांदगांव 29 जुलाई 2023। जिले में 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों में पोषण स्तर के आंकलन हेतु समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2023 में 1 अगस्त से 13 अगस्त 2023 की अवधि तक सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में वजन त्यौहार आयोजित किया जायेगा। कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने जिलेवासियों को वजन त्यौहार पर अपने बच्चों का वजन कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सुपोषण के लिए जागरूकता जरूरी है। इस अभियान में शामिल होकर सामुदायिक सहभागिता के साथ सभी वजन त्यौहार को सफल बनाएं।

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बच्चों के सुपोषण के लिए उनके पौष्टिक आहार के प्रति अभिभावक जागरूक रहें। वजन त्यौहार के दौरान 6 वर्ष तक के बच्चों का वजन निर्धारित तिथि तक कलस्टरवार तिथि का निर्धारण करते हुए कलस्टर के चिन्हांकित आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों का वजन लिया जाएगा ताकि प्रत्येक क्लस्टर के आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुपरवाईजरों की उपस्थिति में बच्चों का शत-प्रतिशत एवं सही वजन लिया जाना सुनिश्चित हो सके। आयोजित होने वाले वजन त्यौहार में आयु वजन के साथ-साथ बच्चों की ऊंचाई की जानकारी संकलित की जायेगी। वजन त्यौहार से प्राप्त जानकारी के आधार पर कुपोषण की दर में कमी लाए जाने हेतु लक्ष्यों का निर्धारण कर जिला स्तर पर कार्ययोजना बनाई जायेगी।


कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती गुरप्रीत कौर ने बताया कि वजन त्यौहार का आयोजन कलस्टर पर किया जाएगा। प्रत्येक कलस्टर में वजन त्यौहार के लिए विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, पर्यवेक्षक की डयूटी लगाई जा रही है। आयोजित होने वाले वजन त्यौहार में आयु व वजन के साथ-साथ बच्चों की ऊंचाई तथा बच्चे की नि:शक्तता संबंधी जानकारी भी संकलित की जायेगी। वजन त्यौहार के अवसर पर प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र हेतु ग्राम स्तरीय, वार्ड स्तरीय दल का गठन किया जाएगा एवं समुदाय के समक्ष आंगनबाड़ी, ग्राम, नगरीय क्षेत्र के सभी सर्वेक्षित बच्चे का वजन लेकर पोषण स्तर का मापन किया जाएगा। इस हेतु ऑनलाईन साफ्टवेयर से वजन की जानकारी भरकर सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही पोषण स्तर ज्ञात किया जायेगा।

आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज बच्चों के अलावा वजन त्यौहार आयोजन के समय बाहर से आए बच्चे भी वजन लेने से वंचित न रहे यह भी सुनिश्चित किया जाएगा। वजन त्यौहार में समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।उल्लेखनीय है कि जन-जन को सुपोषण के प्रति जागरूक करने एवं प्रत्येक परिवार को उनके बच्चों की सही पोषण स्थिति से अवगत कराते हुए प्रत्येक गांव में कम वजन वाले बच्चों को चिन्हित कर कुपोषण की सही स्थिति का पता लगाने की दिशा में वजन त्यौहार महत्वपूर्ण साबित होगा। कुपोषण की सही स्थिति को जानकर प्रत्येक बच्चे की जानकारी सॉफ्टवेयर में दर्ज कर कुपोषित बच्चों की स्थिति का डाटाबेस तैयार किया जाएगा।

कुपोषण विषय पर जनजागरूकता में वृद्धि लाने के लिए विशेष कार्य किए जायेंगे। राज्य के प्रत्येक केन्द्र, ग्राम पंचायत, विकासखंड में पृथक-पृथक कुपोषण की वर्तमान स्थिति की जानकारी तैयार करते हुए कुपोषण कम करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। स्थान विशेष व वर्गों में कुपोषण की पहचान करना, जिससे यह भी स्पष्ट हो सके कि किन स्थानों पर और किन कारणों से कुपोषण अधिक है, ताकि उनके लिए विशेष योजना बना सकेंगे। कुपोषण की रोकथाम के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु बेसलाईन सर्वे एवं लक्षित बच्चों का चिन्हांकन किया जाएगा। किशोरी बालिकाओं के एनिमिया के स्तर में सुधार लाने तथा एनीमिया के स्तर का आंकलन किया जाएगा।

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