
पटवारियों की हड़ताल से रकबा सुधार और धान पंजीयन के काम प्रभावित, फसल क्षति के सर्वे में देरी की आशंका
राजनांदगांव। प्रदेश में पटवारियों की हड़ताल के चलते किसानों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। धान खरीदी का समय नजदीक आने के बावजूद किसान अपने रकबे में त्रुटि सुधार कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं, अर्नब तूफान के प्रभाव से हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। इन परिस्थितियों को लेकर डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए प्रभावित किसानों को तत्काल राहत और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने कहा कि प्रदेश के किसान पहले ही खेती की बढ़ती लागत, खाद-बीज की उपलब्धता और धान खरीदी की तैयारियों को लेकर परेशान हैं। ऐसे में पटवारियों की हड़ताल ने उनकी समस्याएं और बढ़ा दी हैं। धान खरीदी का समय नजदीक है, लेकिन रकबा सुधार नहीं होने से किसानों के सामने धान पंजीयन को लेकर भी परेशानी खड़ी हो सकती है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पटवारियों की हड़ताल के बीच किसानों के जरूरी राजस्व कार्यों को पूरा करने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि एक ओर पटवारी हड़ताल पर हैं, वहीं दूसरी ओर अर्नब तूफान के प्रभाव से हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। ऐसे में फसल क्षति का सर्वे कौन करेगा और प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा कैसे मिलेगा, यह बड़ा सवाल है। सरकार को प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे दल भेजकर नुकसान का आकलन कराना चाहिए, ताकि किसानों को राहत के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
विधायक ने प्रदेश सरकार से पटवारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर हड़ताल समाप्त कराने की पहल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों के रकबा सुधार, धान पंजीयन और अन्य जरूरी राजस्व कार्यों में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। इसके साथ ही तूफान प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए।
हर्षिता स्वामी बघेल ने भाजपा सरकार से सवाल किया कि पटवारियों की हड़ताल के कारण धान पंजीयन और रकबा सुधार में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? तूफान से प्रभावित फसलों का सर्वे कब कराया जाएगा और किसानों को मुआवजा कब तक मिलेगा? उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।










































