
फर्जी APK फाइल, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने के बताए उपाय
राजनांदगांव। जिले के आरगांव में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विशेष शिविर में राजनांदगांव पुलिस की साइबर सेल ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
इसमें 100 से अधिक छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताए गए।
मिनीमाता शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक राजनांदगांव द्वारा आयोजित शिविर में साइबर सेल के आरक्षक हेमंत साहू और ओमराज साहू ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी APK फाइल, फिशिंग लिंक, ओटीपी शेयरिंग और सोशल मीडिया फ्रॉड के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी आकर्षक उपहारों, फर्जी ऑफर और संदिग्ध लिंक के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना सकते हैं।
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचने तथा ओटीपी, बैंकिंग संबंधी जानकारी और निजी विवरण किसी के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी।
साथ ही फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की अपील की।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन एवं डीएसपी साइबर/क्राइम सत्य प्रकाश तिवारी के पर्यवेक्षण में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम में मिनीमाता शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक और शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल आरगांव के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर एनएसएस जिला संगठक एवं कार्यक्रम अधिकारी मोनिका दास, सहायक कार्यक्रम अधिकारी हेमलता लहरे, स्कूल के प्राचार्य अजय देवांगन, शिक्षक संतोष भट्टाचार्य और देवेंद्र चुरेंद्र सहित साइबर सेल के जवान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को स्वयं जागरूक रहने और अपने परिवार तथा समाज के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने प्रेरित किया गया।










































