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राजनांदगांव: इंदौर जैसी त्रासदी से सबक लें, भगोड़ी कंपनी को दोबारा जिम्मेदारी देना जनता के साथ धोखा – ऋषि शास्त्री…

➡️ पेयजल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे प्रशासन लापरवाही पड़ी तो जनहानि की जिम्मेदारी तय होगी

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राजनांदगांव। इंदौर में दूषित पेयजल के कारण 15 लोगों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए युवा नेता एवं पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने राजनांदगांव नगर निगम और जिला प्रशासन को चेताया है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी त्रासदी यहां भी दोहराई जा सकती है। पानी जो जीवन देता है, वही जहर बन जाए इससे बड़ी विडंबना क्या होगी।


श्री शास्त्री ने आगे कहा कि जिन लोगों ने जीवन बचाने के लिए पानी पिया, वही पानी उनके लिए मौत का कारण बन गया। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा किसी घर का मन्नतों के बाद जन्मा चिराग बुझ गया तो कहीं दो वक्त की रोटी कमाने वाला पिता अपनी आखिरी सांस ले गया। यह केवल एक घटना नहीं बल्कि सिस्टम की घोर विफलता है। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी कंपनी पर गंभीर सवाल शास्त्री ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस कंपनी पर 210 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और जिसने पहले पेयजल संयंत्र का मेंटेनेंस अधूरा छोड़ दिया था उसी कंपनी को दोबारा जिम्मेदारी सौंपना जनता के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय आंख मूंदकर ठेके देना आम नागरिकों की जान से खिलवाड़ है।

जल स्रोतों पर खुलेआम हो रही गंदगी प्रशासन मौन ऋषि शास्त्री ने मोहारा वाटर वर्क्स एनीकट और पुराने पुलिया क्षेत्र का उलेख करते हुए कहा कि वहां वाहन धुलाई के कारण पानी में तेल, डीज़ल और अन्य जहरीले तत्व मिल रहे हैं। इसके अलावा प्लांट से लेकर घरों तक जाने वाली पाइपलाइन और कनेक्शनों में लीकेज की लगातार शिकायतें मिल रही हैं लेकिन उनके स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

श्री शास्त्री ने प्रशासन से तत्काल निम्न कदम उठाने की मांग की जल स्रोतों के आसपास वाहन धुलाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए पेयजल की नियमित लैब जांच कराई जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए लीकेज वाली पाइपलाइन और कनेक्शनों की तत्काल मरम्मत की जाए भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी कंपनी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो जनहानि हुई तो जिम्मेदार शासन-प्रशासन होगा ऋषि शास्त्री ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और किसी भी प्रकार की जनहानि हुई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि इंदौर जैसी त्रासदी से सबक लेते हुए राजनांदगांव प्रशासन को पेयजल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि स्वच्छ पानी केवल सुविधा नहीं बल्कि हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।

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