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राजनांदगांव: साइबर ठगी की रकम के लिए बैंक खाते देने वालों पर शिकंजा, तीन आरोपी गिरफ्तार…

राजनांदगांव। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए राजनांदगांव पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन साइबर सुरक्षा’ के तहत पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा किया है। थाना कोतवाली, थाना डोंगरगढ़ और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन बैंक खाता धारकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इन खातों में विभिन्न राज्यों में दर्ज करीब 30 साइबर अपराध संबंधी शिकायतों से जुड़े कुल 58 लाख 49 हजार 783 रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल के माध्यम से विभिन्न राज्यों की पुलिस को साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और साइबर अपराध से जुड़े डाटा की जानकारी साझा की जाती है। इसी पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर राजनांदगांव पुलिस ने जिले में साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों को चिन्हांकित कर कार्रवाई शुरू की।

थाना कोतवाली क्षेत्र में बंधन बैंक के एक खाते में साइबर ठगी से संबंधित 57 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई। पुलिस द्वारा साइबर पोर्टल के माध्यम से संबंधित रकम में से 50 हजार रुपये होल्ड कराए गए। इस मामले में खाता धारक राकेश कुमार सिन्हा निवासी गौरी नगर, राजनांदगांव और बालचंद भुआर्य निवासी नवागांव, मानपुर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 556/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

इसी तरह थाना डोंगरगढ़ क्षेत्र में एक्सिस बैंक और छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की डोंगरगढ़ शाखा के दो खातों में साइबर ठगी से संबंधित 1 लाख 49 हजार 783 रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। पुलिस ने साइबर पोर्टल के माध्यम से 1 लाख रुपये होल्ड कराए। मामले में खाता धारक गौकरण पिता जयसिंग, निवासी शिवपुरी, डोंगरगढ़ के विरुद्ध अपराध क्रमांक 555/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा साइबर/क्राइम प्रभारी सत्यप्रकाश तिवारी एवं एसडीओपी डोंगरगढ़ केसरी नंदन नायक के पर्यवेक्षण में संयुक्त टीम गठित की गई। थाना प्रभारी कोतवाली उपेन्द्र शाह, प्रशिक्षु डीएसपी सुमन जैसवाल तथा साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों की पतासाजी कर उन्हें गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की गई। विवेचना के दौरान आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

बैंक खाता देने पर हो सकती है कार्रवाई

राजनांदगांव पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक अथवा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की सिम किसी अन्य व्यक्ति को बहकावे में आकर न दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध रकम के लेनदेन के लिए बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम या चेकबुक को बेचना, किराये पर देना अथवा कमीशन के बदले उपलब्ध कराना दंडनीय अपराध है। बैंक खाते में किसी भी प्रकार का संदिग्ध या अवैध लेनदेन सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।

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