
राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। राजनांदगांव शहर में स्थापित गणेश प्रतिमाओं एवं आकर्षक झांकियों के दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। गणेश उत्सव की यह परंपरा संस्कारधानी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है और शहर के लिए गौरव का विषय है।

गणेश उत्सव के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं, पंडालों एवं झांकियों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
प्रशासन ने गणेश उत्सव समितियों से अपील की है कि श्रद्धालुओं से दर्शन के नाम पर किसी भी प्रकार का टिकट या प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाए। धार्मिक स्थलों, झांकियों अथवा गणेश पंडालों में दर्शन के लिए शुल्क वसूली को नियमों के खिलाफ माना गया है।
प्रशासन ने समितियों से कहा है कि दर्शन के दौरान अधिक भीड़ होने की स्थिति में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। भीड़ को नियंत्रित करने तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस द्वारा भी आवश्यक इंतजाम किया गया हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी गणेश उत्सव समिति द्वारा पंडाल अथवा झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं से शुल्क वसूला जाता है, तो संबंधित समिति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी समितियों से अपील की है कि गणेश उत्सव की धार्मिक भावना, परंपरा और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए दर्शन को निःशुल्क रखा जाए तथा उत्सव को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और श्रद्धापूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सहयोग करें।










































