
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव सहित पूरे प्रदेश में संतान की लंबी उम्र और खुशहाली का महापर्व कमरछठ को बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार छत्तीसगढ़ की ममता और अनूठी संस्कृति का एक अद्भुत प्रतीक है। राजनांदगांव जिले सहित ग्रामीण अंचलों में इस पर्व को लेकर बाजार और पूजा स्थलों पर विशेष रौनक देखने को मिली।
कमरछठ के पावन पर्व पर महिलाओं ने अपने बच्चों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर विधि-विधान से सगरी की पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर महिलाओं ने व्रत रखकर सगरी की पूजा की तथा भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का स्मरण करते हुए अपने पुत्रों की लंबी आयु और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना की। पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल रहा।










































