
‘हिंदुस्तान यूथ आइकॉन अवार्ड–2026’ से सम्मानित, हिंदुस्तान यूथ आइकॉन बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ नाम
राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव के लिए गर्व का क्षण है। जिले के डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पेंडरवानी निवासी राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की स्वयंसेविका कनिष्का पटेल को समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में आयोजित समारोह में ‘हिंदुस्तान यूथ आइकॉन अवार्ड–2026’ से सम्मानित किया गया। साथ ही उनका नाम हिंदुस्तान यूथ आइकॉन बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया।
यह सम्मान यूथ एवरेस्ट फाउंडेशन के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘हिंदुस्तान यूथ आइकॉन अवार्ड’ समारोह में प्रदान किया गया। समारोह में देश के 15 राज्यों से समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवा समाजसेवियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रोफेसर विमला बाई, कुलपति, माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर (उत्तरप्रदेश) रहीं। यूथ एवरेस्ट फाउंडेशन के संस्थापक अनीस कुमार, सचिव शिवानी एवं संस्था की पूरी टीम की उपस्थिति में यह सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
कनिष्का पटेल, पिता प्रकाश पटेल एवं माता हेमलता पटेल की पुत्री हैं। वे जिले की सामाजिक संस्था रीड यूथ सोसायटी में लेखापाल के पद पर कार्यरत हैं तथा विभिन्न जनहित और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
इसके साथ ही वे शासकीय डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय, डोंगरगांव की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की सक्रिय स्वयंसेविका भी हैं।
पिछले पांच से छह वर्षों में कनिष्का ने महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, साइबर सुरक्षा जागरूकता, पौधारोपण, शिक्षा, स्वच्छ भारत अभियान, आयुष्मान भारत शिविर, पोषण जागरूकता सहित अनेक सामाजिक एवं जनकल्याणकारी अभियानों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उनके इसी निरंतर सामाजिक समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
कनिष्का पटेल की इस उपलब्धि से उनके परिवार, महाविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, रीड यूथ सोसायटी तथा पूरे राजनांदगांव जिले में खुशी और गौरव का माहौल है। उनके शुभचिंतकों ने इसे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।










































