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राजनांदगांव: नोनी के बिहाव 18 अऊ बाबू के बिहाव 21 के बादे करना हे…

राजनांदगांव 31 मार्च 2021। जिले के एक गांव से 26 मार्च 2021 को सुबह-सुबह 1098 चाईल्ड लाईन के टोल फ्री नंबर में फोन की घंटी बजी। उसमें एक लड़की की आवाज सुनायी दी, उसने बताया गांव में एक लड़की जिसकी आयु महज 17 वर्ष की है, वह ब्याह नहीं करना चाहती है, लेकिन उसके परिजनों के द्वारा जबरदस्ती बाल विवाह कराया जा रहा है। चाईल्ड लाईन की टीम द्वारा अविलम्ब जिला बाल संरक्षक अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री चन्द्र किशोर लाड़े को सूचना दी गई। तत्पश्चात जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेणु प्रकाश द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए अविलम्ब महिला एवं बाल विकास विभाग एवं चाईल्ड लाईन की टीम को तत्काल रवाना किया गया।

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विवाह स्थल पर पर्यवेक्षक महिला एवं बाल विकास विभाग छुईखदान श्रीमती राजेश्वरी गायकवाड़, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती स्मिता ऊके, आउटरिच वर्कर श्री अनिल सिन्हा एवं समन्वयक श्री महेश साहु, श्री डोमनलाल टीम मेम्बर चाईल्ड लाईन तथा पुलिस बल थाना छुईखदान पहुॅचकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मिलकर पता लगाया कि आखिर बाल विवाह किसका हो रहा है। बालिका के माता-पिता तथा वर पक्ष को बाल विवाह ना करने की समझाइश दी गई। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के दाण्डिक प्रावधानों से अवगत कराते हुए कम उम्र में शादी करने से उनके सेहत पर पडऩे वाले बुरे प्रभाव के बारे में बताया गया, तब कहीं जाकर बाल विवाह रोका गया।


          कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा द्वारा बाल विवाह की रोकथाम करने आम जनता तथा समाज के लोगों की भागीदारी बढ़ाने हेतु जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में 19 फरवरी 2021 को यह निर्णय लिया गया है कि जो लोग बाल विवाह रोकथाम में उत्कृष्ट कार्य करेंगे उन्हें स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस को प्रशस्ति पत्र प्रदाय किया जाएगा।


बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधान –
21 वर्ष से कम आयु के लड़के एवं 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की का विवाह बाल विवाह माना गया है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा देता है, बाल विवाह करता एवं कराता है अथवा सम्मिलित होता है तो, 2 वर्ष तक का कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपए अथवा जुर्माना दोनों से दण्डित किया जाने का प्रावधान है।


अपील –

आम नागरिकों से यह अपील की जाती है कि यदि आपके आसपास बाल विवाह होने की सूचना मिलती है, तो सर्वप्रथम उस परिवार को बाल विवाह नहीं करने की समझाईश देवें नहीं मानने पर ग्राम के गणमान्य नागरिकों के साथ मिलकर समझाईश दें। इसके पश्चात् भी बाल विवाह नहीं रोक पाने की दशा में जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग के संपर्क नम्बर 07744-220405 एवं बाल कल्याण समिति के संपर्क नंबर 220406, चाईल्ड हेल्प लाइन के नि:शुल्क नंबर 1098 एवं पुलिस हेल्प लाइन 112 तथा अपने नजदीकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सूचना प्रदान कर बाल विवाह रोकने में अपनी महती भूमिका अदा करने की अपील की जाती है।

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