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राजनांदगांव : महिलाओं का सबसे बड़ा दुश्मन उनका डर है, फूलबासन…

राजनांदगांव : राष्ट्रीय महिला आयोग के सौजन्य से दिग्विजय कॉलेज में एक दिवसीय महिला विधिक जागरुकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विषय विशेषज्ञों के द्वारा महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न एवं अत्याचार तथा उनके अधिकारों के हनन एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (2013) निवारण अधिनियम एवं कारखाना अधिनियम (1948) के अंतर्गत श्रम कानून पर अपने विचार व्यक्त किए। यहां मुख्य अतिथि पद्मश्री फूलबासन यादव रहीं। प्राचार्य डॉ.बीएन मेश्राम ने अध्यक्षता की। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ एएसपी सुरेशा चौबे, लॉ प्रोफेसर डॉ.श्रीमांशु दास, शरद श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला में सहभागिता दी। स्वागत उद्बोधन एवं अध्यक्षीय भाषण प्राचार्य मेश्राम ने व्यक्त किए। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि पद्मश्री यादव ने कहा कि कानूनी बातें अपनी जगह पर हैं पर महिलाओं का सबसे बड़ा दुश्मन उनका डर है।

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स्वयं को मजबूत करना होगा: एएसपी चौबे
एएसपी सुरेशा चौबे ने कहा कि महिलाओं को अपने सम्मान की रक्षा करने के लिए स्वयं को मजबूत करना होगा, जो महिला अपनी रक्षा स्वयं नहीं कर सकती है वह अपने समाज या देश के लिए कुछ नहीं कर सकती है। प्रसंगवश महिला उत्पीड़न के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नारी प्रगति की सबसे सुंदर रचना है। इसकी रक्षा एवं सुरक्षा को लेकर चिंतित होना जरुरी है। कार्यशाला को विषय विशेषज्ञ शरद श्रीवास्तव ने कार्यस्थल में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न निवारण कानून पर अपना प्रेजेन्टेशन प्रस्तुत करते हुए बताया कि समाज में यह बहुत बडी विडंबना है कि हमारे समाज में महिला, पुरुष का भेद होने के साथ-साथ उनके साथ हमारे या उनके परिवार के नजदीकी सदस्यों द्वारा शोषण किया जाता है। गुड टच एवं बैड टच की जानकारी बच्चियों को नहीं होती है। इस सोच को हमें बदलना है और सकारात्मक परिवर्तन लाना है। कार्यशाला के समापन सत्र में जिला विधिक प्राधिकरण सचिव प्रवीण मिश्रा (न्यायाधीश) ने घरेलू हिंसा महिला उत्पीड़न और कारखाना अधिनियम आदि से जुड़े वैधानिक पहलुओं का उल्लेख किया।

यहां नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया
नेहा गुप्ता द्वारा मोनो प्ले किया गया। कार्यशाला में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने तथा 36 महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने पंजीयन कराया। इस दौरान संरक्षक डॉ.बीएन मेश्राम, आयोजन सचिव डॉ.शैलेन्द्र सिंह, सह-सचिव विजय मानिकपुरी रहे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ.नीलू श्रीवास्तव ने किया। डॉ. अंजना ठाकुर, डॉ. डीपी कुर्रे, डॉ.एचएस भाटिया, डॉ.एसएम राय, डॉ.केएन प्रसाद, डॉ.एचएस अलरेजा, डॉ.बीएन जागृत, डॉ.मीना प्रसाद आदि मौजूद रहे।

SOURCE bhaskar.com

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