
कोतवाली पुलिस ने योगेंद्र साहू को न्यायिक रिमांड पर भेजा, मुख्य आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार

राजनांदगांव। शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने और एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी योगेंद्र कुमार साहू, उम्र 37 वर्ष, निवासी कुतुलबोड़ भांठागांव, वार्ड क्रमांक 03, थाना लालबाग, जिला राजनांदगांव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, मृतक कोमल साहू ने 17 अक्टूबर 2025 को मानसिक तनाव के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मर्ग जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला। इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल डेटा की जांच की गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी मोहम्मद अजीज खान ने मृतक को शेयर मार्केट में निवेश करने और कथित तौर पर तंत्र-मंत्र के जरिए रकम दोगुनी करने का लालच दिया था। आरोप है कि इस झांसे में लेकर मृतक से करीब 4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। रकम वापस नहीं मिलने और कर्जदाताओं के दबाव के कारण मृतक मानसिक तनाव में था।
इस मामले में थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 130/2026 के तहत धारा 318(4), 108 एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इंदौर से मुख्य आरोपी अजीज खान को हिरासत में लिया था। पूछताछ में मृतक से नकद और बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये प्राप्त करने की बात सामने आने पर उसे 3 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।
वहीं, आगे की विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर मामले में योगेंद्र कुमार साहू की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने 9 सितंबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शेयर मार्केट में निवेश या पैसा दोगुना करने के नाम पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के झांसे में न आएं और निवेश से पहले संबंधित संस्था या प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच जरूर करें।











































