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राजनांदगांव: सड़क हादसे ने छीनी खुशियां, अब मदद की दरकार…

राजनांदगांव। शहर के तालाब किनारे रहने वाले जय कुमार बिनझलेकर का परिवार इन दिनों गहरी आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। सामान्य रूप से टेंट और लाइटिंग का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले जय कुमार जुलाई माह में डोंगरगढ़ मुरमुन्दा से लौटते समय सड़क हादसे का शिकार हो गए। हादसे में उनके सिर व शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। रायपुर के निजी व सरकारी अस्पतालों में डेढ़ माह तक इलाज कराने के बाद भी उनके दोनों पैर पूरी तरह से काम करना बंद कर चुके हैं।

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इलाज पर अब तक लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं। परिवार ने रिश्तेदारों से उधार लेकर इलाज तो करवाया, लेकिन अभी तक हालत में सुधार नहीं हुआ है। घर की आर्थिक स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि अब खाने-पीने की समस्या तक आ खड़ी हुई है।

इस बीच पाताल भैरवी मंदिर के अध्यक्ष राजेश मारू और पत्रकार कमलेश सिमनकर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने जय कुमार का हालचाल पूछते हुए तत्काल एक व्हीलचेयर और आर्थिक सहायता प्रदान की।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जय कुमार का 15 वर्षीय नाबालिग बेटा पढ़ाई छोड़कर पिता के इलाज और परिवार के भरण-पोषण के लिए मजदूरी करने को मजबूर हो गया है। नाबालिग कंधों पर अचानक पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई है।

कर्ज और तंगी से जूझ रहा यह परिवार समाज और प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है, ताकि इलाज और रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी हो सकें।

यह परिवार समाज की आर्थिक मदद का इंतजार कर रहा है।

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