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राजनांदगांव : हमर बेटी हमर अभिमान, जुमले की धज्जियॉ उड़ाता सुकमा दुष्कर्म प्रकरण: नीलू शर्मा…

भाजपा जॉच समिति का सनसनीखेज खुलासा, सुकमा की घटना सामूहिक दुष्कर्म का प्रकरण: नीलू शर्मा

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रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नीलू शर्मा ने सुकमा जिले के एर्राबोर में 5 वर्ष की मासूम छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म पर रोष एवं आक्रोश आव्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कांग्रेस पार्टी से पूछा है कि हमर बेटी – हमर अभिमान के जुमले गढ़ने वाली कांग्रेस सरकार में छत्तीसगढ़ की बेटियां कहीं भी सुरक्षित क्यों नहीं है ?

नीलू ने शासन प्रशासन से इस वारदात में पारदर्शी जांच करके आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित बच्ची व उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। इस प्रकरण के जॉच हेतु गठित भाजपा के 5 सदस्यी जॉच दल के ग्राउण्ड जीरो रिपोर्ट के हवाले से नीलू शर्मा ने बताया कि जॉच में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं, जिनमें मुख्य रूप से इस घटना को सामूहिक दुष्कर्म का प्रकरण पाया गया हैं।

भाजपा के 5 सदस्यी जांच समिति की संयोजक विधायक श्रीमती रंजना साहू सहित दल में भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य लता उसेंडी, प्रदेश मंत्री ओजस्वी मंडावी, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत व प्रदेश कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य सुधीर पांडे शामिल थे। जॉच समिति ने बताया कि उनके दल को घटनास्थल तक पहुंचने और छात्रावास में जाने से रोकने के प्रशासन ने पूरे इंतजाम किए थे।

जांच दल को न तो पीड़ित बच्ची व उसके माता-पिता से और न ही छात्रावास में रह रही अन्य छात्राओं से मिलने दिया जा रहा था। बावजूद इसके जॉच दल ने किसी तरह छात्राओं से मुलाकात की और छात्राओं से चर्चा के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं उससे जॉच दल हैरान रह गया।

नीलू ने जॉच दल के हवाले से इस घटना को दिल दहलाने वाली और छत्तीसगढ़ महतारी को शर्मसार करने वाली घटना बताया है। जॉच में पाये गये तथ्यों के अनुसार बालिका आदिवासी छात्रावास पर अन्य पुरुषों का प्रायः आना-जाना लगा रहता है। छात्रावास की स्थिति दयनीय पायी गई जहॉ एक कमरे में 40-50 बच्चियों के रहने, सोने, खाने- पीने और पढ़ने की व्यवस्था रखी गई है। जिस शिक्षिका को इन बच्चियों की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर होना था,

वह भी मौजूद नहीं मिली। 500 की क्षमता वाले इस छात्रावास में 440 बच्चियां रह रही है लेकिन दुष्कर्म की इस भयावह घटना के बाद से काफी संख्या में अभिभावकों ने अपनी बच्चियों को वहां से निकाल लिया है। छात्रावास में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है और आज तक वहॉ किसी महिला होमगार्ड को पदस्थ भी नहीं किया गया है।

कुल मिलाकर आदिवासी बच्चियां पूरी तरह असुरक्षित माहौल मे रह रही है। इतने गंभीर अपराध के बाद भी अबतक ना ही कोई कांग्रेस का नेता पीड़ित परिवार से मिलने गया न किसी मुवाअजे का ऐलान हुआ है। उल्टे कांग्रेस सरकार ने मामले को दबाने की भरपूर कोशिश की है जिससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार मासूम बच्चियों की सुरक्षा को लेकर बिलकुल गंभीर नहीं है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नीलू शर्मा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत इस मामले को दबाने और आरोपियों को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है, किन्तु भाजपा जांच दल को रोकने की तमाम सरकारी कोशिशों के बावजूद इस प्रकरण मंे जांच दल ने सत्य और तथ्य जुटाए हैं और छत्तीसगढ़ में दम तोड़ती कानून व्यवस्था एवं प्रदेश सरकार के निकम्मेपन से जनता को वाफिक कराया है।

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