राजनांदगांव : 3 घंटे में सुलझी महिला हत्याकांड की गुत्थी, भाभी की हत्या के आरोप में देवर गिरफ्तार…

राजनांदगांव। तुमड़ीबोड़ पुलिस ने महिला की संदिग्ध मौत के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज तीन घंटे के भीतर ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाकर आरोपी देवर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़ और साइबर थाना की संयुक्त टीम गठित कर मामले की जांच की गई।

घटना 31 जुलाई 2026 की है। ग्राम पेण्डरवानी निवासी 28 वर्षीय तामेश्वरी साहू का शव उनके घर के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पेण्ड्री लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण किया गया तथा शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत गला घोंटने से दम घुटने के कारण होना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ के दौरान मृतका के देवर देवेन्द्र साहू (32 वर्ष), निवासी ग्राम पेण्डरवानी, ने अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि मृतका द्वारा बार-बार काम नहीं करने और घर में बैठे रहने की बात कहने पर वह गुस्से में आ गया और साड़ी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़ प्रभारी उपनिरीक्षक धनीराम नारंगे, सहायक उपनिरीक्षक चुन्नीलाल साहू, प्रधान आरक्षक लोकनाथ वर्मा, आरक्षक विजेंद्र सिंह, चंद्रशेखर यादव, विकास राजेत्री, महिला आरक्षक पेमिन कतलाम, महिला सैनिक उषा वर्मा तथा साइबर थाना के आरक्षक मनीष वर्मा और हरीश ठाकुर सहित संयुक्त पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।