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स्कूली बच्चियों के यौन शोषण से उबल रहा बदलापुर, SIT को सौंपी गई जांच, 10 Points में समझें पूरा मामला…

मुंबई: ठाणे के बदलापुर में एक स्कूल के अंदर लेडीज टॉयलेट में 4 साल की दो मासूम बच्चियों के यौन शोषण को लेकर बवाल मचा हुआ है। मंगलवार को इस घटना की खबर फैलते ही बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हो गए और स्कूल में तोड़फोड़ की। भीड़ ने बदलापुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों को रोक दिया। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। हालांकि मंगलवार शाम को बदलापुर स्टेशन को प्रदर्शनकारियों से खाली करा लिया।

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बच्चियों के यौन शोषण के आरोप में पुलिस ने अक्षय शिंदे नाम के 23 वर्षीय क्लीनर को पोक्सो और बीएनएस की अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया है। वहीं इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। महिला इंस्पेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया है जबकि स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इस बीच बदलापुर में इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है। हम 10 Points में इस पूरे मामले को समझने की कोशिश करते हैं।

बाथरूम में बच्चियों का यौन शोषण
23 साल के आरोपी ने 16 अगस्त को स्कूल के बाथरूम में बच्चियों के साथ यौन शोषण किया था। बच्चियों के परिजनों ने एक दिन बाद केस दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट से जुड़ी धाराओं में गिरफ्तार कर लिया।

स्कूल के गेट, शीशे और दरवाजे तोड़े
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्कूल में जमकर तोड़फोड़ की। स्कूल के गेट, खिड़कियों के कांच, बेंच आदि तोड़ दिए गए। पुलिसकर्मियों और अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मनाने की पूरी कोशिश की और आंदोलन वापस लेने की मांग करते रहे। काफी मुश्किल से हालात पर काबू पाया जा सका।

आरोपियों के लिए सजा-ए-मौत की मांग
प्रदर्शनकारी आरोपी को मौत की सजा देने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें तोड़फोड़ से रोकने की पूरी कोशिश की। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मंगलवार दोपहर राज्य के कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन ने भी प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की लेकिन भीड़ लगातार पीड़ित लड़कियों के लिए न्याय और गिरफ्तार आरोपियों के लिए मृत्युदंड की सजा की मांग करते हुए नारे लगाती रही। बवाल को देखते हुए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई ।

महिला इंस्पेक्टर का ट्रांसफर, प्रिंसिपल सस्पेंड
वहीं इस मामले में एक्शन लेते हुए महिला इंस्पेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया है। स्कूल की प्रिंसिपल, क्लास टीचर और दो कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

महिला आईपीएस अधिकारी को सौंपी जांच
डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मामले की जांच के लिए आईजी रैंक की आईपीएस अधिकारी आरती सिंह को नियुक्त किया गया है। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द इस मामले में न्याय मिले।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई
इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने ठाणे पुलिस कमिश्नर को मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया था। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि पीड़ित बच्चियों के माता-पिता को शिकायत दर्ज कराने से पहले बदलापुर पुलिस स्टेशन में 11 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

हाईकोर्ट में दी अर्जी
मुंबई के एक अधिवक्ता ने मंगलवार को बंबई हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह महाराष्ट्र के बदलापुर शहर के एक स्कूल में बच्चियों से कथित यौन उत्पीड़न मामले में स्वतः संज्ञान ले। अधिवक्ता अजिंक्य गायकवाड ने शाम को न्यायमूर्ति भारती डांगरे के समक्ष अपनी याचिका पेश की, लेकिन न्यायाधीश ने उन्हें उचित खंडपीठ या दो सदस्यीय पीठ के समक्ष जाने को कहा। न्यायमूर्ति डांगरे ने कहा कि एकल पीठ ऐसे मामलों की सुनवाई नहीं कर सकती।

10 घंटे तक ठप रही ट्रेन सर्विस
बदलापुर रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन से प्रभावित अंबरनाथ-कर्जत खंड पर लोकल ट्रेन सेवाएं 10 घंटे तक निलंबित रहने के बाद मंगलवार रात को फिर से शुरू हो गईं। पहली उपनगरीय ट्रेन निलंबित होने के लगभग 10 घंटे बाद रात 8:05 बजे बदलापुर स्टेशन पहुंची। रेलवे के अधिकारी ने बताया कि पहली अप लोकल (खोपोली-सीएसएमटी) और डाउन लोकल (सीएसएमटी-कर्जत) दोनों रात 8:05 बजे बदलापुर से गुजरीं।

स्कूलों में ‘विशाखा समितियों’ का गठन
महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने कहा है कि स्कूलों में ‘विशाखा समितियां’ गठित की जाएंगी। यदि स्कूल परिसरों के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में नहीं पाये गए तो उन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि समितियां छात्राओं द्वारा शिकायतें दर्ज करने के लिए एक मंच मुहैया करायेगी, विशेष रूप से नौवीं, 10वीं और जूनियर कॉलेज की छात्राओं के लिए।

उद्धव ठाकरे ने शीघ्र न्याय की मांग की
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मामले में फास्ट ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाने और शीघ्र न्याय देने की मांग की। ठाकरे ने पत्रकारों से कहा कि एक तरफ ‘महायुति’ सरकार महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना चला रही है, लेकिन बहनों की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।

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