
पहलगाम आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) एवं पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ से प्राप्त निर्देशों के बाद आज दुर्ग जिले में दुर्ग पुलिस ने सुबह 4:00 बजे से ही तीन एडिशनल एस.पी. की टीम के द्वारा तीन अलग-अलग जगह पर पाकिस्तानियों एवं बांग्लादेशियों की तलाश में ऑपरेशन चलाया गया। करीब 43 संदिग्ध को आईडेंटिफाई किया गया है इनके फिंगरप्रिंट भी लिए गए हैं साथ ही आधार कार्ड भी लिया गया है। ताकि स्थाई पते पर पहुंचा जा सके।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने आज कंट्रोल रूम सेक्टर 6 में मिडिया से चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस मुख्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने दुर्ग पुलिस को कुछ निर्देश भेजे हैं। इसी निर्देशों के तहत जिले में पाकिस्तानियों एवं बांग्लादेशियों का पता लगाने के लिए रविवार की सुबह 4:00 बजे से ऑपरेशन शुरू किया गया था
400 घरों के 1000 लोगों से पूछताछ
अलग-अलग तीन इलाकों में दुर्ग पुलिस के तीन एडिशनल एसपी में सुखनंदन राठौर, अभिषेक झा एवं पद्मश्री तंवर के साथ टीमों के द्वारा दबिश दी गई। पुलिस टीमों के द्वारा लगभग 400 मकान पर करीब 1000 लोगों की जांच की गई है।
43 संदिग्ध मिले, लिया गया फिंगरप्रिंट
जिसमें से 43 संदिग्ध मिले हैं इन संदिग्ध लोगों का फिंगरप्रिंट एवं संबंधित डिटेल्स लिए गए हैं। इन संदिग्धों का आधार कार्ड एवं अन्य संबंधित दस्तावेज भी लिया गया है। इन संदिग्धों से जो स्थाई एड्रेस प्राप्त हुए हैं वहां तक भी दुर्ग पुलिस पहुंचेगी। ताकि इन संदिग्ध लोगों का पूरा वेरिफिकेशन किया जा सके

दुर्ग जिले में 81 पाकिस्तानी नागरिक
एस.एस.पी. विजय अग्रवाल ने कहा कि जो पाकिस्तानी नागरिक दुर्ग जिले में रह रहे हैं। उनके लॉन्ग टर्म वीजा हैं और दूसरे तरह के वीजा भी हैं उनकी संख्या कुल 81 हैं। अलग-अलग कैटिगरीज के वीजा के तहत रह रहे हैं। जिनकी तस्दीक की जा रही है अलग-अलग वीजा में कुछ के पास रेजिडेंशियल वीजा है। कुछ के पास शॉर्ट टर्म विजा है। किसी के पास टूरिस्ट वीजा है। मेडिकल वीजा का एक भी प्रकरण नहीं मिला है। MHA एवं पुलिस मुख्यालय की गाइडलाइंस के आधार पर इन संबंधितों के दस्तावेज कलेक्ट करके वेरीफाई किया जा रहा है। आगे भी तस्दीक जारी रहेगी।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी बनायी गई टीम
औद्योगिक नगरी भिलाई जहां औद्योगिक इकाइयां एवं प्रतिष्ठा होने के कारण यहां पर पाकिस्तानियों एवं बांग्लादेशी मजदूर की उपस्थिति का भी पता लगाया जाएगा के सवाल पर श्री अग्रवाल ने कहा कि निश्चित रूप से बांग्लादेशी एवं पाकिस्तानी मजदूरों की जांच औद्योगिक क्षेत्र में की जाएगी। इसके लिए अलग से टीम बना दी गई है जो प्रत्येक थाना क्षेत्र के अंतर्गत कार्य करेगी। औद्योगिक इकाइयों में भी पहुंचेंगे। पाकिस्तानी एवं बांग्लादेशी मजदूरों की पहचान की जाएगी। ऐसे मजदूरों को आईडेंटिफाई करके प्रत्येक संदिग्ध का दस्तावेज संकलित किया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ ऐसे स्थान पर भी पुलिस जाएगी जहां पाकिस्तानी एवं बांग्लादेशी नागरिकों की होने की संभावनाएं हैं। उनका प्रॉपर वेरिफिकेशन किया जाएगा।
एएसपी सुखनंदन राठौर, एएसपी अभिषेक झा और एएसपी पद्मश्री तंवर के नेतृत्व में तीन अलग-अलग टीमें बनाई। सभी अधिकारियों ने तड़के साढ़े 4 बजे पूरे पुलिस बल के साथ रेड मारी। एएसपी अभिषेक झा ने दुर्ग में मोहन नगर थाना इलाके के उरला क्षेत्र स्थित बॉम्बे आवास में छापामारी की। एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर ने भिलाई तीन थाना इलाके के हथखोज इलाके में तथा एएसपी पद्मश्री तंवर ने सुपेला थाना क्षेत्र के सुपेला मस्जिद के पीछे वाले हिस्से में छापेमारी की है।
आज दुर्ग पुलिस की एक बड़ी टीम ने जिसमें तीन एडिशनल एस पी थे, तीन अलग अलग इलाके थे संदिग्ध लोगों के निवास होने की सूचना मिली थीं, सुबह चार बजे रेड की गईं. लगभग 400 मकानों मे 1 हजार लोगो की चेकिंग की है, जिसमे 43 संदिग्ध ऐसे लोग है उनके आधार कार्ड, फिंगर फिड लिए गए उनके स्थायी पते की जा की गईं. पाकिस्तानी नागरिक है उनके लांग टर्म वीजा है और दूसरे तरह की वीजा है 81 है, उनके अलग अलग केटेगरी है जांच कर रहे है. वीजाअलग अलग प्रकार के है रेजीडेंसी किसी के पास टूरिस्ट वीजा है। मेडिकल वीजा का एक भी प्रकरण नहीं मिला है। MHA एवं पुलिस मुख्यालय की गाइडलाइंस के आधार पर इन संबंधितों के दस्तावेज कलेक्ट करके वेरीफाई किया जा रहा है। आगे भी तस्दीक जारी रहेगी।
निश्चित रूप से बांग्लादेशी एवं पाकिस्तानी मजदूरों की जांच औद्योगिक क्षेत्र में की जाएगी। इसके लिए अलग से टीम बना दी गई है जो प्रत्येक थाना क्षेत्र के अंतर्गत कार्य करेगी। औद्योगिक इकाइयों में भी पहुंचेंगे। पाकिस्तानी एवं बांग्लादेशी मजदूरों की पहचान की जाएगी। ऐसे मजदूरों को आईडेंटिफाई करके प्रत्येक संदिग्ध का दस्तावेज संकलित किया जाएगा।









































