
डोंगरगांव जिले में भू जल स्तर के लगातार गिरावट के मद्देनजर ग्राम पंचायत कुमरदा, जनपद पंचायत छुरिया, जिला राजनांदगाँव में “जल स्वच्छता एवं फसल संगोष्ठी” का आयोजन किया गया l जिसमे विशेष रूप से स्थानीय कृषको को आमंत्रित कर फसल चक्र परिवर्तन कर जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण, भू जल रिचार्ज , कृषि एवं आजीविका संवर्धन सम्बन्धित गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके l

इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रीष्मकालीन में जल स्तर के गिरावट को ध्यान में रखते हुए रबी सीजन में धान के स्थान पर कम पानी वाले फसल जैसे, मक्का, चना, गेहूं मुंग आदि फसल लेने हेतू सहमति जताया गया! और कृषको से अपील व साथ ही साथ प्रस्ताव भी पारित किया गया l जल संरक्षण के लिए ग्राम पंचायत में की गई यह पहल प्रेरक है l इसकी जगह कम पानी उपयोग वाली अन्य दलहन, तिलहन फसल के लिए प्रोत्साहित किया गया l पानी बचाने के लिए ग्राम पंचायत में जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया l
किसानो को धान के बदले दलहन, तिलहन लघु धान्य फसल अंतर्गत मक्का, रागी, गेहू, चना एवं अन्य फसल लगाने के लिए प्रेरित किया गया l उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के लिए सामुदायिक सोखता का निर्माण किया जा रहा है l वर्षा जल संचयन के लिए मिनी परकोलेशन टैंक,निजी सोकपीट का निर्माण, बोरी बंधान कार्य, गेबियन स्ट्रक्चर जैसे कार्यों का निर्माण किया जा रहा है l
इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु मुख्यरूप से ग्राम पंचायत कुमरदा सरपंच नूनकरण भुआर्य फुलबासन बाई, स्वच्छता दीदी, कृषि विभाग, विद्युत विभाग, जल संसाधन विभाग, ग्रामीण पंचायत विभाग एवं ग्राम के कृषक वा ग्राम पटेल कान्ति लाल साहू, हिरा सेन, भूपेंद्र सिंह राजपूत की भूमिका रही l









































