राजनांदगांव: मानदेय कटौती से परेशान होमगार्ड सैनिक ने कीटनाशक पीकर दी जान…

राजनांदगांव । अपर कलेक्टर श्री मार्कण्डेय की सुरक्षा में तैनात सैनिक तिजऊ राम मांडवी ने अपने गृह ग्राम में रविवार की दोपहर कीटनाशक का सेवन कर जान दे दी। मरने से पूर्व होम गार्ड सैनिक ने एक पत्र लिखा है, जिस पर मौत के लिए दो अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक अपने मानदेय राशि में कटौती को लेकर परेशान था।

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इसी का जिम्मेदार उसने अधिकारियों को ठहराया है। सुरगी पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खैरा उसका निवास स्थान है। मृतक श्री मंडावी इसी माह की 31 तारीख को सेवा निवृत्त होने वाला था। जिला मुख्यालय राजनांदगांव में अपर कलेक्टर के साथ चलने वाले होम गार्ड सैनिक टिजऊ राम मांडवी ने अपने घर ग्राम खैरा में कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची सुरगी पुलिस ने मृतक के जेब से एक सुसाइडल नोट बरामद किया है।

यहनोट जवान ने अपनी ग्रीन कलर की पेन से लिखा है। मृतक ने अपनी मौत के लिए दो अधिकारियों को जिम्मेदार बताया है। उसके द्वारा लिखे गए पत्र का मजमून यह बताता है कि वह अपनी मानदेय राशि में लिए गए हेर फेर से क्षुब्ध था। सुरगी पुलिस चौकी प्रभारी शंकर गिरी गोस्वामी ने बताया कि मृतक द्वारा लिखा गया पत्र जांच का विषय है।

सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में मृतक के बड़े बेटे ने यह बताया कि जब वह घर पहुंचा तो उसके पिता सोए हुए थे। उठाने पर नहीं जागे, तब पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। मृतक के मुंह से झाग निकला हुआ था, जिससे यह ज्ञात हुआ कि उसके कीटनाशक का सेवन किया है । यह भी पत्ता चला है कि वह कुछ दिन से परेशानी की स्थिति में था।

मृतक टिजऊराम मंडावी ने मरने से पूर्व जो पत्र छोड़ा है, उसमें दो अधिकारियों के नाम हैं। मृतक ने तत्कालीन अधिकारी लक्ष्मी प्रसाद वर्मा (संभागीय अधिकारी) एवं होम गार्ड के पूर्व डीजीपी गिरधारी नायक को – अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पूरे पत्र में मृतक ने अपने मानदेय में हेराफेरी का जिक्र करते हुए इन्हीं दोनों अधिकारियों पर दोषारोपण किया है।

पुलिस चौकी प्रभारी शंकर गिरी गोस्वामी ने सबेरा संकेत से चर्चा के दौरान कहा कि मृतक के पास से पत्र मिला है। हस्त लिखित पत्र को जांच के लिए हस्त लिपि विशेषज्ञ के पास भेजा जाएगा। बहरहाल मामला जांच में है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।