
अच्छे पालक की साझा जिम्मेदारी, पोषण, बाल विवाह, साइबर अपराध एवं “रूप नहीं, गुण और पढ़ाई का कोना” विषयों पर विशेष कार्यक्रम

राजनांदगांव जिला प्रशासन, यूनिसेफ एवं सर्वहितम – एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के संयुक्त तत्वावधान में श्री विनोद टेम्बुकर के नेतृत्व में युवोदय राजनांदगांव एवं शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा विकासखंड डोंगरगांव के ग्राम पंचायत आरी में मनरेगा कार्यस्थल पर पहुंचकर ग्रामीण पालकों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक एवं सार्वजनिक संवाद के माध्यम से ग्रामीण पालकों एवं किशोर-किशोरियों को विभिन्न सामाजिक एवं पारिवारिक विषयों पर जागरूक किया गया। विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई—
¹. अच्छे पालक की साझा जिम्मेदारी एवं सकारात्मक पालन-पोषण
². किशोरों का समुचित पोषण एवं शारीरिक आत्मविश्वास
³. बाल विवाह मुक्त अभियान के अंतर्गत बाल विवाह की रोकथाम
⁴. साइबर अपराध से बचाव एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार
⁵. “रूप नहीं, गुण और पढ़ाई का कोना” के माध्यम से बच्चों में आंतरिक प्रतिभा, शिक्षा एवं संस्कार को प्राथमिकता देने का संदेश
ग्राम पंचायत आरी में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 200 से अधिक ग्रामीण पालकों की उपस्थिति रही। साथ ही विद्यालय स्तर पर भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे स्कूली बच्चे भी इन महत्वपूर्ण विषयों के प्रति सजग हो रहे हैं।
इसी जागरूकता अभियान की कड़ी में विकासखंड डोंगरगांव के अमलीडीह, रूदगांव, अर्जुनी, तुमड़ीबोड़, जंगलपुर सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं विद्यालयों में लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों से ग्रामीणों में सकारात्मक सोच विकसित हो रही है तथा किशोरों में आत्मविश्वास और जागरूकता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वयंसेवकों ने सरल, प्रभावी एवं संवादात्मक शैली में संदेश प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणाम, संतुलित पोषण के महत्व, साइबर अपराध से सतर्क रहने के उपाय तथा बच्चों में बाहरी रूप-रंग के बजाय गुण, शिक्षा और संस्कार को प्राथमिकता देने की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला प्रशासन ने इस पहल को सामुदायिक जागरूकता एवं सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है तथा भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।









































