
राजनांदगांव। जिले सहित पूरे प्रदेश में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए नगर निगम के पूर्व पार्षद एवं अपील समिति सदस्य ऋषि शास्त्री ने शिक्षा विभाग से प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी स्कूलों में तत्काल प्रभाव से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने की मांग की है।
ऋषि शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में तापमान असामान्य रूप से बढ़ रहा है और दोपहर के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं सबसे अधिक प्रभाव स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, जो रोजाना इस भीषण गर्मी में स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है। इसके बावजूद छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने को विवश हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
ऋषि शास्त्री ने कहा कि गर्मी के इस दौर में बच्चों में लू लगना, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई स्थानों से बच्चों के बीमार पड़ने की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे अभिभावकों में गहरी चिंता का माहौल है।
उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों में पर्याप्त पेयजल, ठंडी व्यवस्था एवं छाया की समुचित व्यवस्था हर जगह उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां बच्चों को लंबी दूरी तय कर स्कूल पहुंचना पड़ता है।
ऋषि शास्त्री ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल निर्णय लेते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। सरकार को चाहिए कि वह संवेदनशीलता दिखाते हुए अभिभावकों और विद्यार्थियों की चिंता को समझे और शीघ्र निर्णय लेकर राहत प्रदान करे।










































