
राजनांदगांव। आईसेक्ट प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र राजनांदगांव द्वारा 8वीं वाहिनी (भा/र) छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, राजनांदगांव में जवानों के लिए तीन दिवसीय ए.आई. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सेनानी श्रीमती नेहा पांडे मैम के विशेष मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ उप सेनानी सुश्री गंगा उपाध्याय एवं सहायक सेनानी श्री एच. के. टोंडर की उपस्थिति में किया गया। तीन दिवसीय इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में 80 जवानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूलभूत अवधारणाओं, दैनिक जीवन में ए.आई. के उपयोग, साइबर सुरक्षा में ए.आई. की भूमिका, डिजिटल सुरक्षा, डाटा प्रबंधन एवं विभिन्न आधुनिक ए.आई. टूल्स की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार ए.आई. तकनीक का उपयोग प्रशासनिक कार्यों, दस्तावेज तैयार करने, डेटा विश्लेषण, ऑनलाइन सुरक्षा तथा सूचना प्रबंधन जैसे कार्यों में किया जा सकता है।
कार्यशाला में ए.आई. आधारित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं टूल्स का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिससे जवानों को तकनीक के व्यावहारिक उपयोग को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण सत्र में इंटरनेट सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल फ्रॉड की पहचान एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला का उद्देश्य सुरक्षा बल के जवानों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ना एवं उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है।
आईसेक्ट प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र राजनांदगांव के संस्था प्रमुख श्री रूपेश देवांगन के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का संचालन प्रशिक्षक शुभम शाह, रितेश श्रीवास्तव एवं प्रीतम सोनकर द्वारा किया गया। प्रशिक्षकों ने जवानों को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से ए.आई. तकनीकों की जानकारी देते हुए विभिन्न उपयोगी डिजिटल टूल्स का प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान जवानों ने ए.आई. तकनीक एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित अनेक विषयों पर उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा आधुनिक तकनीकी ज्ञान के प्रति विशेष रुचि दिखाई। प्रशिक्षण में शामिल जवानों ने इस प्रकार की कार्यशालाओं को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए इसे अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
आईसेक्ट प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र, राजनांदगांव द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के तकनीकी एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।










































