राजनांदगांव ने जीती कुपोषण के खिलाफ बड़ी जंग…

राजनांदगांव 27 जुलाई 2026। कुपोषण मुक्त राजनांदगांव की दिशा में जिला प्रशासन को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा पोट्ठ लईका अभियान के संयुक्त एवं सतत प्रयासों से जिले के 299 आंगनबाड़ी केंद्र पूर्णत: कुपोषण मुक्त हो गए हैं।

इसके साथ ही जिले के 1184 आंगनबाड़ी केंद्रों में अब एक भी गंभीर कुपोषित अथवा गंभीर कम वजन श्रेणी के बच्चे नहीं है। यह उपलब्धि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और समन्वित कार्य संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में बच्चों के सुपोषण की दिशा में मिशन मोड में कार्य किए गए। कुपोषण के खिलाफ टीमवर्क, जनभागीदारी और सतत प्रयासों के सुखद परिणाम प्राप्त हुए। जिले के प्रत्येक बच्चे को लक्षित करते हुए स्वस्थ, सुपोषित और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए कारगर प्रयास किए जा रहे हैं।


घर-घर पहुंची पोषण की मुहिम, मिला सकारात्मक परिणाम-
इस सफलता के पीछे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, सतत निगरानी और जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गर्भवती एवं शिशुवती माताओं की नियमित काउंसलिंग कर उन्हें संतुलित आहार, स्तनपान एवं शिशु देखभाल के प्रति जागरूक किया गया।

पोट्ठ लईका अभियान के तहत घर-घर जाकर बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, नियमित फॉलोअप एवं आवश्यक मार्गदर्शन सुनिश्चित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से टेक होम राशन का नियमित वितरण तथा पोषण शिक्षा प्रदान की गई।

स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया। वहीं एनआरएलएम की समूह दीदियों ने रेडी-टू-ईट पोषण आहार तैयार करने, पोषण जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक सहयोग को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।


अब मध्यम कुपोषण पर होगा विशेष फोकस –
जिले में वर्तमान में 1514 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। जिला प्रशासन ने अब शेष मध्यम कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है।

लक्ष्य है कि 15 अगस्त 2026 तक 350 और आंगनबाड़ी केंद्र तथा 2 अक्टूबर 2026 तक 551 आंगनबाड़ी केंद्र पूर्णत: कुपोषण मुक्त घोषित किए जाएं। प्रशासन का उद्देश्य जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को कुपोषण मुक्त बनाना है।