राजनांदगांव:इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर खोला मोर्चा, आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल…

तीन वर्षों से स्टाइपेंड में वृद्धि नहीं, पहले चरण में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार

राजनांदगांव, 4 अगस्त। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने लंबे समय से लंबित स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।

इंटर्न डॉक्टरों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर एवं प्रभारी कलेक्टर सी.एल. मार्कंडेय को ज्ञापन सौंपा और मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने की स्थिति में 4 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की।

इंटर्न डॉक्टरों ने ज्ञापन के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से वर्षों से लंबित स्टाइपेंड वृद्धि को तत्काल स्वीकृति देने की मांग की है।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डॉ. आयुष कुमार ने किया। इस दौरान मेडिकल स्टूडेंट्स नेटवर्क एवं जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने भी आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से स्टाइपेंड में कोई वृद्धि नहीं की गई है। इस संबंध में कई बार शासन और स्वास्थ्य विभाग के समक्ष मांग रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। संगठन ने सरकार से जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की है।

आंदोलन के पहले चरण में इंटर्न डॉक्टर ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार करेंगे, जबकि आपातकालीन सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी ताकि गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इंटर्न डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी चरण में आपातकालीन सेवाओं को भी प्रभावित करने पर विचार किया जाएगा।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे प्रतिदिन लगभग 12 घंटे मरीजों की सेवा करते हैं, लेकिन वर्तमान स्टाइपेंड महंगाई और कार्यभार की तुलना में बेहद कम है। उनका कहना है कि सम्मानजनक स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।