राजनांदगांव: साइबर अपराध के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस की अनूठी पहल, ट्रैफिक उल्लंघन पर लगेगा ‘सेल्फी का जुर्माना’…

राजनांदगांव। साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक सात सप्ताह का व्यापक “साइबर जागृति अभियान” चलाएगी। अभियान की थीम “साइबर जागृति की एक सेल्फी” रखी गई है।

इसके तहत नागरिक साइबर जागरूकता संदेश वाले सेल्फी फ्रेम में अपनी तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर साझा करेंगे, जिससे साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।

इस अभियान को राजनांदगांव जिले में पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने एक अनूठा रूप देते हुए यातायात नियमों से भी जोड़ा है।

14 से 16 अगस्त तक उपयुक्त परिस्थितियों में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को “सेल्फी का जुर्माना” दिया जाएगा।

ट्रिपल सवारी, नो-पार्किंग या गलत पार्किंग समेत सामान्य यातायात उल्लंघनों पर संबंधित वाहन चालक को साइबर जागृति अभियान के सेल्फी फ्रेम में अपनी सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा करनी होगी।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों देशवासी एकजुट हुए थे, उसी भावना से साइबर अपराध के खिलाफ भी समाज को एकजुट होकर जागरूक करने की जरूरत है।

उन्होंने जिलेवासियों से स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होने तथा परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी देने की अपील की।

सात सप्ताह में अलग-अलग विषयों पर जागरूकता

राजनांदगांव पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक सात सप्ताह में विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पहले सप्ताह में स्कूल-कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता, मजबूत पासवर्ड, OTP सुरक्षा और साइबर स्वच्छता की जानकारी दी जाएगी।

दूसरे सप्ताह में बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के सहयोग से UPI, ऑनलाइन बैंकिंग, QR कोड और डिजिटल भुगतान से जुड़ी धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। तीसरे सप्ताह में वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट और फर्जी पुलिस, CBI या ED अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल के प्रति जागरूक किया जाएगा।

चौथे सप्ताह में स्मार्टफोन प्राइवेसी, ऐप परमिशन, सोशल मीडिया सुरक्षा और सुरक्षित इंटरनेट ब्राउजिंग पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे। पांचवें सप्ताह में युवाओं को फर्जी नौकरी, ऑनलाइन जॉब ऑफर, फिशिंग लिंक और फर्जी वेबसाइट से होने वाली ठगी से बचाव की जानकारी दी जाएगी।

छठे सप्ताह में डेटा प्राइवेसी, सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने की सावधानी, प्राइवेसी सेटिंग्स और डिजिटल फुटप्रिंट के बारे में जागरूक किया जाएगा। सातवें सप्ताह में ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में “साइबर मुक्त छत्तीसगढ़” का संकल्प अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के दौरान जिला पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, बाजारों और पार्कों में पोस्टर-बैनर के माध्यम से QR कोड का प्रचार किया जाएगा। सोशल मीडिया और विभिन्न व्हाट्सऐप समूहों के जरिए भी अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर अभियान का समापन होगा।

राजनांदगांव पुलिस का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से साइबर अपराध के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करना और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना है। पुलिस ने नागरिकों से “साइबर जागृति की एक सेल्फी” लेकर इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है।