
पूर्व छात्र न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल ने फीता काटकर किया शुभारंभ, विद्यार्थियों को समय और लक्ष्य के सदुपयोग का दिया संदेश

राजनांदगांव, 25 अगस्त। पं. किशोरीलाल शुक्ल विधि महाविद्यालय, राजनांदगांव में मंगलवार को विधि शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। महाविद्यालय में एलएलएम (मास्टर ऑफ लॉ) कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय समारोह में हुआ। न्यायमूर्ति अग्रवाल ने फीता काटकर एलएलएम कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं राज्य गीत से हुई। इसके बाद नांदगांव शिक्षा मंडल के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। महाविद्यालय के अध्यक्ष सुरेश एच. लाल ने संस्था की गौरवशाली यात्रा और वर्ष 1967 से चली आ रही विधि शिक्षा की परंपरा पर प्रकाश डाला।
अपने ही महाविद्यालय में लौटे पूर्व छात्र
एलएलएम कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल के लिए भी भावनात्मक अवसर रहा। उनका राजनांदगांव से गहरा शैक्षणिक और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। राजनांदगांव में जन्मे न्यायमूर्ति अग्रवाल ने शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय से बीकॉम एवं एमए (लोक प्रशासन) की शिक्षा प्राप्त की तथा वर्ष 1985 में लॉ कॉलेज, राजनांदगांव से विधि की उपाधि हासिल की। उनके ही पूर्व छात्र का उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति के रूप में उसी संस्थान में एलएलएम कार्यक्रम का शुभारंभ करना महाविद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय रहा।
विद्यार्थियों को दिया समय के सदुपयोग का संदेश
समारोह में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति अग्रवाल ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन के लक्ष्य को स्पष्ट रखते हुए निरंतर मेहनत करने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को समय के महत्व को समझना चाहिए। सोशल मीडिया पर अनावश्यक समय व्यर्थ करने के बजाय अध्ययन, ज्ञानवर्धन, कौशल विकास और अपने निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति में समय और ऊर्जा लगानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का सदुपयोग कर अपने भविष्य को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया।
न्यायमूर्ति अग्रवाल की राजनांदगांव से शिक्षा प्राप्त करने से लेकर न्यायपालिका के उच्च दायित्व तक पहुंचने की यात्रा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी रही। उन्होंने अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को सफलता का आधार बताया।
पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित
कार्यक्रम में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को भी मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किया। प्रथम पुरस्कार फाइनल ईयर की छात्रा फराह मिर्जा, द्वितीय पुरस्कार फाइनल ईयर के डेविड साहू तथा तृतीय पुरस्कार प्रथम सेमेस्टर के शिवम यादव को प्रदान किया गया।
समारोह के अंत में नांदगांव शिक्षा मंडल के अध्यक्ष एवं सचिव ने न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल को शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। डॉ. अलका चव्हाण ने आभार प्रदर्शन किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
महाविद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि एलएलएम कार्यक्रम के प्रारंभ होने से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय विधि शिक्षा, गहन कानूनी अध्ययन एवं शोध के नए अवसर मिलेंगे और वे न्याय एवं समाज की सेवा में प्रभावी योगदान देने के लिए तैयार होंगे।











































