
राजनांदगांव, । अपर सत्र अपर न्यायाधीश, फास्ट ट्रेक कोर्ट, श्री अभिषेक शर्मा ने बलात्कार के एक मामले में सुनवाई के बाद 27 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए आरोपी बिसन लाल सलामे के खिलाफ जुर्म साबित होने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 450 के आरोप में दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच हजार रूपये से दंडित किया। अर्थदंड की राशि अदा न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इसी तरह भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 (ठ) के अपराध में आजीवन कारावास, जिसका तात्पर्य उसके शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा, एवं पांच हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि अदा न करने की स्थिति में छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
घटना की संक्षिप्त जानकारी देते हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि ढाई वर्ष पूर्व आरोपी बिसन लाल सलामे पिता स्व. बुल्लू राम सलामे (56वर्ष) द्वारा थाना मोहला क्षेत्रान्तर्गत एक 25 वर्षीय अपंग युवती जो शारीरिक रूप से बोलने-सुनने में असमर्थ है को घर में अकेली पाकर जबरदस्ती से घुसकर उसके साथ बलात्कार किया। उसी समय पीड़िता की माता खेत से काम कर घर वापस लौटी तो उसने अपनी बेटी के साथ बिसन लाल सलामे द्वारा जबर्दस्ती दुष्कर्म किये जाने की घटना को देख लिया। घटना के कुछ दिवस बाद पीड़िता की मृत्यु हो गई।
पीड़िता की माता की रिपोर्ट पर थाना मोहला पुलिस द्वारा भारतीय दण्ड विधान की धारा 450, 376 (ठ) भादंवि के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर मामला जांच में लिया गया था। जांच के दौरान आरोपी बिसन लाल सलामे को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था तथा संपूर्ण विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट टेक कोर्ट) श्री शर्मा ने बिसनलाल सलामे पर लगे आरोपों को प्रमाणित पाकर उक्त सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से श्री श्रीवास्तव ने पैरवी की ।









































