
राजनांदगांव पूर्व मुख्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ रमन सिंह ने यहां कहा कि भूपेश सरकार राज्य में धरना ,प्रदर्शन, रैली ,सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के पहले प्रशासन से अनुमति को अनिवार्य करके जनता की आवाज को दबा रही है । सरकार के इस तुगलकी फरमान से इंदिरा गांधी के आपातकाल की तरह छत्तीसगढ़ में भी अघोषित आपातकाल की स्थिति निर्मित हो गई है भूपेश सरकार संविधान में प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है भाजपा इस काले कानून का पुरजोर विरोध करती हैं।
उन्होंने अल्टीमेटम देते कहा कि 15 दिनों में प्रदर्शन पर प्रतिबंध वाला आदेश वापस नहीं लिया जाता तो 16 मई को भाजपा जेल भरो आंदोलन करेगी।
डॉ रमन सिंह ने कहा कि संविधान ने जनता को अभिव्यक्ति की आजादी दी है देश की जनता ने लंबी लड़ाई और प्रताड़ना के बाद अभिव्यक्ति की आजादी प्राप्त की है लेकिन राज्य सरकार ने 19 बिंदु वाला आदेश निकाल कर आंदोलन प्रदर्शन और प्रतिबंध लगा दिया है। अब यह जनता की हर आवाज को दबाना चाहती है जनता के संवैधानिक अधिकारों को पूछना चाहती है भाजपा लोकतंत्र की रक्षा के लिए और काले कानून का पुरजोर विरोध करती है
इसी परिप्रेक्ष्य में कल श्रम दिवस पर पूरे राज्य में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है । और 16 मई को सभी जिलों में जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा। डॉ रमन सिंह ने कहा है कि भूपेश बघेल सरकार ने विधानसभा चुनाव के समय अपने जन घोषणा पत्र में मनरेगा कर्मचारियों ,बिजली संविदा कर्मचारी ,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन , दैनिक वेतन भोगियों को नियमित करने का वादा किया था । लेकिन उन्होंने अपना वादा नहीं निभाया कांग्रेस सरकार को अपना वादा पूर्ण कराने के लिए उक्त कर्मचारी किसान अब धरना प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं इसे कुचलने के लिए भूखे सरकार सख्त कानून बनाया है
इस कानून के तहत अब आंदोलन व धरना प्रदर्शन के पूर्व लोगों को हलफनामा देना पड़ेगा जिसका उल्लंघन होने पर सरकार उन्हें जेल में डाल देगी यह आदेश इंदिरा गांधी के शासन के दौरान देश में आपातकाल की याद दिलाता है। अब भूपेश बघेल भी जनता की आवाज को दबाने के लिए अघोषित आपातकाल लगा रहे हैं इस कानून के लागू होने से अब राज्य की जनता सरकार के खिलाफ असहमति व्यक्त नहीं कर पाएगी। अब आंदोलन प्रदर्शन उस स्वरूप में नहीं हो पाएंगे जो पहले हुआ करते थे । यह सरकार पूरी तरह से अहंकार में डूबी हुई है उसके वायदो को पूर्ण करने की मांग करने वाले संविदा बिजली कर्मियों को घसीट घसीट कर लाठियों से मारा गया उनके लाउडस्पीकर टेंट हटवा दिए ।
नवा रायपुर में आंदोलन करने वाले किसानों में से एक की मौत हो गई । अपना हक मांगने वालों के खिलाफ बर्बरता से पेश आया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सीधी साधी जनता ने तरह-तरह के लुभावने वादे में आकर उन्हें सत्ता सौंप दी। लेकिन उनकी आवाज को दबा रही है वह लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने चाहती है जिसे भाजपा कभी पूर्ण नहीं होने देगी ।यह प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष मधुसूदन यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष खूबचंद पारख, सचिन सिंह बघेल, पवन मेश्राम , शिव वर्मा, राम जी भारती, कमल सोनी ,डॉ रेखा मेश्रम आदि उपस्थित थे।









































