
राजनांदगांव – लगातार विगत वर्षो से छात्रों की आवाज को बुलंद कर रही है एनएसयूआई । इस बार कालेजों मे आनलाईन मोड में परिक्षाऐं हुई है । जिसमे आनलाइन मोड पर परिक्षा कराने मे एनएसयूआई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । जिस तरिके से एनएसयूआई की मजबूती रही है जो की किसी भी अन्य छात्र संगठन मे देखने को नहीं मिली है ।
छात्र नेता सौरभ मिलिंद ने कहा कि कोरोना काल में भी छात्रों की आवाज को एनएसयूआई ने बुलंद किया है और लगातार छात्रों की मदद के लिए आगे रही हैं । जिस तरिके से छत्तीसगढ़ में एनएसयूआई की मजबूती से उम्मीद है कि समस्त कालेजों में जीत दर्ज होगी । इस बार आलाकमान व शासन से मांग करते हैं कि समस्त कालेजो और विश्वविद्यालयों मे छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए । छत्तीसगढ़ एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की बातो का समर्थन करते हुए छात्र नेता सौरभ मिलिंद ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण है । जिससे छात्र अपना नेता चुनकर अपनी आवाज को बुलंद करते है और विश्वविद्यालयों तक अपनी बातो को पहुंचाते है ।
छात्र नेता सौरभ मिलिंद का कहना है कि छात्र संघ चुनाव से वास्तविक रूप से बेहतर नेतृत्व क्षमता रखने वाले युवा सामने आते हैं। यह युवाओं का हक है। अब कोरोना संकट भी टल है, इसलिए एक जुलाई से कालेज खुलते ही छात्रसंघ चुनाव के लिए सरकार की ओर से स्थिति साफ कर देनी चाहिए । छात्र नेता सौरभ मिलिंंद ने कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने अपने हार की बौखलाहट के कारण व छात्रों के बीच छत्तीसगढ़ में एनएसयूआई बढ़ती हुई लोकप्रियता के कारण छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाते हुए मनोनयन का रास्ता अपनाया था । फिर साल 2017 में मनोनयन का फार्मूला अपनाया गया। इसके तहत की स्नातक व स्नातकोत्तर के परिणाम के आधार पर अध्यक्ष, सचिव समेत अन्य पदाधिकारियों का मनोनयन हुआ था।
वर्तमान छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छात्रहित में लगातार काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में छात्रों के हित में सरकार ने कई फैसले लिए हैं जिससे युवा व छात्र वर्ग बहुत खुश है और सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे है । वर्तमान में यदि छात्रसंघ चुनाव होंगे तो छात्रों में नेतृत्व करने की क्षमता विकसित होगी । इस बार चुनाव होगा तो निश्चित रूप से कालेजों में एनएसयूआइ की जीत होगी।









































