
आर्थिक कमजोर विद्यार्थी,विधवा,परित्यागियता को प्रवेश प्राथमिकता से क्षेतिज रेखा में जोड़ने की माँग रखी

राजनाँदगाँव:-प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया को दो रेखाओं में रखा गया है खड़ी रेखा और क्षेतिज रेखा अंतर्गत रखा गया है।
खड़ी रेखा अंतर्गत जाति-आरक्षण अनुसार प्राथमिकता दी गई है साथ ही क्षेतिज रेखा में विशेष वर्ग को प्राथमिता देने के निर्देश दिए गए है जिसमे खड़ी रेखा को यथावत रखते हुए क्षेतिज रेखाओं की पूर्व में दी गई प्राथमिकता में संसोधन कर अन्य वर्ग को भी जोड़े जाने की माँग रखी है।
मुख्य तौर से प्रदेश के विश्वविद्यालयो में आर्थिक कमजोर विद्यार्थी (EWS)/गरीबी रेखा अंतर्गत विद्यार्थी,परित्यागिता,विधवा,भूतपूर्व सैनिक वर्ग को प्रवेश प्रक्रिया में क्षैतीज प्राथमिता से जोड़े जाने की माँग की है।
छात्रसंघ के भूतपूर्व अध्यक्ष एवं पार्षद दल के प्रवक्ता ऋषि शास्त्री ने बताया कि विश्वविद्यालय के प्रवेश प्रक्रिया प्रणाली की निर्देशिका में बालिका,विकलांग,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन एवं भूत पूर्व सैनिक वर्ग को क्षैतीज रेखा में 30%,1%,3% प्रतिशत प्राथमिकत दी गई है,जबकि वर्तमान स्कूल शिक्षा प्रणाली में आर्थिक कमजोर छात्र(EWS)/गरीबी रेखा अंतर्गत विद्यार्थी को भी प्राथमिकता से जोड़ा गया है ऐसे में विश्वविद्यालय की गाईड लाइन में भी इस लागू करना छात्रहीत में बेहतर होगा।

एन एस यू आई के प्रदेश सयुक्त सचिव ने कहा कि हमारी मांग यह है कि विश्वविद्यालय अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया प्रणाली में आर्थिक कमजोर विद्यार्थी(EWS)/गरीबी रेखा अंतर्गत विद्यार्थी को क्षैतिज रेखा में जोड़ते हुए 10% की प्राथमिकता दी जावे साथ ही विश्वविद्यालय ने आयुसीमा के दायरे को समाप्त कर दिया है इस लिए परित्यागिता को 1% एवं विधवा को 3%,भूतपूर्व सैनिक को 2% क्षैतिज रेखा में प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय के प्रवेश प्रकिया की निर्देशिका में जोड़े जाने के संबंध राज्यपाल,मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र प्रेषित किया है।









































