
सांस्कृतिक संस्था स्वरधारा राजनांदगांव और संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन का आयोजन
विधायक दलेश्वर साहू व महापौर हेमा देशमुख ने कलाकारों को किया सम्मानित
राजनांदगांव। अंचल की प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था व लोक कलामंच के माध्यम से पहचान बना चुकी राजनांदगांव की स्वरधारा एवं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वावधान में छत्तीसगढ़ के लोक कलामंचों की पहचान नाचा पद्धति से दूर होते लोक कलाकारों को पुन: जोड़ने के उद्देश्य से 10 दिवसीय नाचा प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन पिछले दिनों मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ स्थित बर्फानी सभागृह में आयोजित किया गया था।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री दलेश्वर साहू विधायक डोंगरगांव विधानसभा, अध्यक्षता नगर की प्रथम नागरिक महापौर हेमा सुदेश देशमुख व श्री राजेश मारु अध्यक्ष मितान लोक कलाकारों के संगठन श्री हर्षकुमार बिंदु, श्रीमती जयश्री साहू, श्री संतोष पिल्ले चेयरमेन व पार्षद के विशिष्ट आतिथ्य व श्री विष्णु कश्यप, तिलक राज, गोविंद साव, मुन्ना बाबू, किशुन साहू, महादेव हिरवानी, नरेन्द्र साहू, भूषण नेताम, देवेन्द्र रामटेके, महेश्वर साहू, भागवत सिन्हा विनोद गौतम, बाबूलाल देवांगन की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्वरधारा परिवार, धरोहर के साथ ही प्रशिक्षु लोक कलाकारों के द्वारा सुवा, कर्मा नृत्य व नाचा प्रहसन की शानदार प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया।
बर्फानी सभागृह में आयोजित स्वरधारा परिवार एवं छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग द्वारा अंचल की लोक कलाकारों को नाचा पद्धति से जोड़ने के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन करते हुए मुख्य अतिथि डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री दलेश्वर साहू ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे कला से प्रेम है और मैं कला का सम्मान करने के लिए भी आप सभी के बीच प्रसंशक के रूप में पहुंचा हूं।
10 दिवसीय प्रशिक्षण का लाभ लोक कलाकालों को अवश्य मिलेगा। नाचा को लोक मंडई महोत्सव में भी बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस बार होने वाले आयोजन में समावेश किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही नगर निगम की महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने कहा कि नवप्रशिक्षु नाचा लोक कलाकारों ने छत्तीसग़ढ़ संस्कृति के माध्यम से एक संदेश लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया जो लोगों को दिमाग में प्रभाव डालता है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की तारीफ करते हुए कहा कि लोक संस्कृति व लोक कलाकारों को उनकी सरकार प्रोत्साहित कर रही है। अच्छे आयोजन के लिए अयोजन समिति धन्यवाद की पात्र है।
इस अवसर पर नव प्रशिक्षित लोक कलाकारों के द्वारा सुवा नृत्य, कर्मा नृत्य के साथ ही नाचा प्रशिक्षण में प्राप्त प्रशिक्षण के आधार पर नाचा की शानदार प्रस्तुति से लोगों को आनंदित किया व उपस्थिति जनों ने इन कलाकारों को प्रोत्साहित भी किया। अंचल के भर्रेगांव, पेंड्री, बांधाबाजार, बाम्हण भेड़ी, अंबागढ़ चौकी, कौड़ीकसा, जंगलपुर, रामपुर, कन्हारपुरी, छुरिया, मोखला, अर्जुंदा, मनकी सुरडरडुंग भिलाई, डोंगरगांव, डोंगरगढ़, ककरेल सहित शहर के लगभग 80 नवीन कलाकारों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस अवसर पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित एवं प्रशिक्षु लोक कलाकारों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन कुमुद किशोर शुक्ला ने किया।









































